OTT प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों पर हर हफ्ते नई फिल्में और वेब सीरीज दस्तक देती हैं. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब घर-घर मनोरंजन का सबसे बड़ा जरिया सिर्फ दूरदर्शन हुआ करता था. उस दौर में लोग अपने पसंदीदा कार्यक्रमों का समय तक याद रखते थे और सारे काम निपटाकर टीवी के सामने बैठ जाते थे. ‘रामायण', ‘महाभारत' और ‘चित्रहार' जैसे कार्यक्रमों ने दर्शकों के बीच खास जगह बनाई. हालांकि, इन सबसे पहले शुरू हुआ एक ऐसा कार्यक्रम भी है, जो आज तक प्रसारित हो रहा है. नाम है ‘कृषि दर्शन'. करीब छह दशक पुराने इस कार्यक्रम के 16 हजार से ज्यादा एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं और यह भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले कार्यक्रमों में शामिल है.
दूरदर्शन का सबसे पुराना कार्यक्रम, आज भी जारी है
‘कृषि दर्शन' की शुरुआत 26 जनवरी 1967 को दूरदर्शन पर हुई थी. इसे खासतौर पर किसानों तक खेती-किसानी से जुड़ी जरूरी और उपयोगी जानकारी पहुंचाने के मकसद से शुरू किया गया था. शुरुआती दौर में इसका प्रसारण दिल्ली और आसपास के करीब 80 गांवों के किसानों को ध्यान में रखकर किया जाता था.
कार्यक्रम में किसानों को खेती की नई तकनीकों, बेहतर फसल प्रबंधन और कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती थी. धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ा और यह देशभर में अपनी पहचान बनाने लगा. मनोरंजन से अलग जानकारी और जागरूकता पर आधारित यह कार्यक्रम ग्रामीण दर्शकों के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ.
62 सीजन और 16 हजार से ज्यादा एपिसोड
‘कृषि दर्शन' ने लंबे समय तक दूरदर्शन के साथ अपनी यात्रा जारी रखी. करीब पांच दशक तक इसका प्रसारण दूरदर्शन के मुख्य चैनल पर हुआ. साल 2015 में जब ‘डीडी किसान' चैनल की शुरुआत हुई, तो कार्यक्रम का प्रसारण वहां स्थानांतरित कर दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक ‘कृषि दर्शन' के 62 सीजन पूरे हो चुके हैं और इसके 16 हजार से ज्यादा एपिसोड प्रसारित किए जा चुके हैं. इतने लंबे समय तक लगातार प्रसारित होने की वजह से यह कार्यक्रम भारतीय टेलीविजन के इतिहास में खास मुकाम हासिल कर चुका है.
लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ नाम
‘कृषि दर्शन' की सबसे बड़ी उपलब्धियों में इसका लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होना भी शामिल है. लंबे समय तक लगातार प्रसारित होने वाले कार्यक्रम के तौर पर इसने एक अलग पहचान बनाई है.
समय बदलने के साथ कार्यक्रम का अंदाज और इसमें शामिल विषय भी बदले हैं, लेकिन इसका मूल उद्देश्य आज भी वही है. किसानों को कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों, नई तकनीकों, वैज्ञानिक सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना. OTT और डिजिटल मनोरंजन के दौर में भी ‘कृषि दर्शन' का जारी रहना बताता है कि कुछ कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन का हिस्सा नहीं होते, बल्कि समाज और लोगों की जरूरतों से भी जुड़े होते हैं.
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