हिंदी सिनेमा के गानों के तो क्या कहने. अगर बात किसी फेस्टिवल मूड को सेड करने की आए तो फिर ये गाने बेजोड़ हैं. वैसे भी सावन के आते ही भारत में त्योहारों की झड़ी लगनी शुरू हो जाती है. फिर चाहे वो तीज हो या रक्षा बंधन या फिर अक्तूबर में आने वाला करवा चौथ. बेशक हर त्योहार के अपने खास व्यंजन हैं और महत्व है. लेकिन इन सभी त्योहारों में एक समानता है और वह है चूड़ियां. चूड़ियां इन त्योहारों का अहम हिस्सा है. फिर कांच की लाल-हरी-नीली-पीली चूड़ियों को लेकर महिलाओं का प्यार किसी से छिपा नहीं है. बॉलीवुड के हम एक ऐसी ही गाने की बात करने जा रहे हैं जो 55 साल पुराना है.
हम यहां बात कर रहे हैं न्यू ईयर के दिन 1971 में रिलीज हुई फिल्म 'सास भी कभी बहू थी' फिल्म के गाने की. ये गाना है 'ले लो चूड़ियां नीली पीली लाल रंग आसमानी'. आइए जानते हैं इस गाने से जुड़े सारे डिटेल्स.
सास भी कभी बहू थी फिल्म का सुपरहिट गाना
फिल्म 1 जनवरी 1971 को रिलीज हुई थी. ये तेलुगू फिल्म 'अथा ओकिंती कोडाले' का हिंदी रीमेक थी. फिल्म में संजय खान, लीना चंदावरकर, ओम प्रकाश, शशिकला, ललिता पंवार और जगदीर नजर आए थे. फिल्म को राजेंद्र कृष्ण और एन.एस. बेदी ने लिखी थी. डायरेक्शन वी. मधुसूदन राव का था. फिल्म सास बहू के रिश्ते को लेकर थी और खूब पसंद भी की गई थी.
'ले लो चूड़ियां नीली पीली लाल रंग आसमानी' के डिटेल्स
'सास भी कभी बहू थी' फिल्म में आर.डी. बर्मन का म्यूजिक था. फिल्म में 7 गाने ले लो चूड़ियां, दुख सुख, एक बोतल होगा, सुनो रे साधु, सुनोजी तुम, राम काहे और खोलके आंखें शामिल हैं. इन गानों को राजेंद्र कृष्ण ने लिखा था.
लेकिन इसका सबसे पॉपुलर सॉन्ग रहा 'ले लो चूड़ियां नीली पीली लाल रंग आसमानी.' इस गाने को किशोर कुमार और लता मंगेशकर ने गाया था. इस गाने को संजय खान और लीना चंदावरकर पर फिल्माया गया था. इस गाना देखने में बहुत ही मजेदार है क्योंकि इसका फिल्मांकन काफी फनी है.
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