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'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' बंद होने से पहले तुलसी विरानी गई जेल, शो में आ रहे हैं ये महाट्विस्ट

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' बहुत जल्द खत्म होने वाला है लेकिन इससे पहले शो में कुछ बड़े ही मजेदार और बांधकर रखने वाले महाट्विस्ट आएंगे. जिसकी झलक अभी से देखने को मिली है.

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' बंद होने से पहले तुलसी विरानी गई जेल, शो में आ रहे हैं ये महाट्विस्ट
क्योंकि सास भी कभी बहू थी में बदला वक्त, बदले जज्बात
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नई दिल्ली:

स्टार प्लस पर आने वाला एकता कपूर का पॉपुलर शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' जल्द खत्म होने वाला है लेकिन इससे पहले इस शो में ट्विस्ट पर ट्विस्ट आने को तैयार हैं. शो के एक नए प्रोमो से तो पूरी कहानी में उथल-पुथल नजर आ रहे हैं. शो की कहानी अपने सबसे ड्रामैटिक और इमोशनल दौर में से एक में एंट्री लेने जा रही है. शो में दस साल का लीप दिखाया जाएगा, 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की कहानी बदलने जा रही है. नए प्रोमो में आप देखेंगे कि दस साल जेल में बिताने के बाद, तुलसी विरानी शांतिनिकेतन लौटती हैं, लेकिन पाती हैं कि जिस परिवार को उन्होंने कभी एकजुट रखा था, वह अब बुरी तरह बिखर चुका है. उनके बेटे करण और गौतम एक दूसरे के खिलाफ आमने-सामने हैं जिससे भावनाओं और रिश्तों की एक जबरदस्त लड़ाई का माहौल बन गया है.

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का महा ट्विस्ट

आने वाले एपिसोड्स में आप देखेंगे कि हितेन तेजवानी यानी करण के लिए तुलसी की वापसी पुराने जख्मों और लंबे समय से दबे सवालों को फिर से ताजा कर देती है. घरवाले तुलसी की वापसी को एक्सेप्ट करने की कोशिश कर रहे होते हैं. वहीं तुलसी ये बात जानकर टूट जाती है कि शांतिनिकेतन अब एकता का वह प्रतीक नहीं रहा जिसकी रक्षा के लिए उन्होंने इतनी कड़ी लड़ाई लड़ी थी. क्या वह विरानी परिवार के बीच आई दरारों को भर पाएगी और उन्हें फिर से एकजुट कर पाएंगी?

इस अहम मोड़ को लेकर बात करते हुए हितेन तेजवानी ने पिंकविला से कहा, "'शांतिनिकेतन में अब आपके लिए कोई जगह नहीं है' - मुझे लगता है कि यह उन सबसे कठोर बातों में से एक है जो करण ने कभी अपनी तुलसी मां से कही हैं, ऐसी बात जो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें कहनी पड़ेगी. 10 साल बाद, तुलसी मां जेल से लौटती हैं तो उन्हें अपनी जिंदगी के सबसे बड़े सदमे का सामना करना पड़ता है. यह 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के सफर के सबसे इमोशनल चैप्टर्स में से एक होने वाला है."

"करण के लिए, तुलसी मां हमेशा एक ऐसी इंसान रही थीं जिन पर वह भरोसा करते थे और जिनका सम्मान करते थे, लेकिन उनकी वापसी उन्हें ऐसी भावनाओं का सामना करने पर मजबूर करती है जिनके बारे में उन्होंने कभी नहीं सोचा था. यह ट्रैक इतना दिलचस्प इसलिए है क्योंकि यह सिर्फ तुलसी के लिए करण के गुस्से के बारे में नहीं है. यह एक ऐसे बेटे के बारे में है जो दिल टूटने, निराशा और सालों से अनसुलझे सवालों से जूझ रहा है, जिससे यह कहानी लोगों को गहराई से जोड़ती है."

"जब करण और गौतम (गॉम्जी) परिवार और उसमें तुलसी की जगह को लेकर बिल्कुल अलग-अलग विचारों के साथ एक चौराहे पर खड़े होते हैं, तो दर्शक भावनाओं के उतार-चढ़ाव देखेंगे. उनके अलग-अलग नजरिए उन रिश्तों की परीक्षा लेंगे जिन्होंने कभी विरानी परिवार को एकजुट रखा था."

"सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या तुलसी मां शांतिनिकेतन के भीतर की दरारों को भर पाएंगी और परिवार को फिर से एकजुट कर पाएंगी? यही बात दर्शकों को आने वाले एपिसोड्स से जोड़े रखेगी," उन्होंने आगे कहा.

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