साल 2003 में एक ऐसा टीवी शो आया जिसने हिंदी टेलीविजन की तस्वीर बदल दी. उस दौर में जब हीरोइन का मतलब ग्लैमरस लुक और स्टाइलिश अंदाज़ माना जाता था, तब एक सिंपल सी लड़की ने लोगों का दिल जीत लिया. ये शो था जस्सी जैसी कोई नहीं. इस शो ने यह साबित किया कि असली ताकत आत्मविश्वास और मेहनत में होती है, न कि चेहरे की खूबसूरती में. इस सीरियल ने न सिर्फ टीआरपी रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि दर्शकों की सोच भी बदली. आज भी लोग इस सीरियल को काफी ज्यादा याद करते हैं.
सोनी टीवी पर शुरू हुआ था शो
यह शो 2003 में Sony TV पर शुरू हुआ. इसे टोनी सिंह, दिया सिंह और राजन शाही ने डायरेक्ट किया था और कहानी जय वर्मा ने लिखी थी. इस शो ने लोगों की सोच को पूरी तरह से बदल दिया और खूबसूरती के पैमानों को भी बदला.
जस्सी का किरदार हुआ हिट
शो में मोना सिंह ने जस्सी का रोल निभाया. मोटा चश्मा, दांतों में ब्रेसेस और साधारण कपड़े पहनने वाली जस्सी उस समय की टिपिकल हीरोइन जैसी नहीं थी. कहानी में वह एक समझदार और मेहनती लड़की है, जिसे एक बड़े फैशन हाउस में नौकरी मिलती है. वहां लोग उसके लुक्स की वजह से उसे अजीब समझते हैं. लेकिन जस्सी हार नहीं मानती. वह अपने काम और ईमानदारी से सबको गलत साबित कर देती है.
शो में अपूर्वा अग्निहोत्री, समीर सोनी, गौरव गेरा और रक्षंदा खान भी अहम भूमिकाओं में थे.
550 एपिसोड और तोड़े TRP के रिकॉर्ड
यह शो करीब तीन साल तक चला और लगभग 550 एपिसोड पूरे हुए. यह कोलंबिया की मशहूर सीरीज 'Yo Soy Betty, La Fea' का हिंदी अडॉप्टेशन था. शुरुआत से ही दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया. इसने कई TRP रिकॉर्ड तोड़े और फैमिली ऑडियंस का फेवरेट शो बन गया.
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