Women's Day 2024 Speech : हर साल 8 मार्च को महिला दिवस मनाया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों को मान्यता देना और लैंगिक समानता के प्रति लोगों को जागरूक करना है. इस दिन कॉर्पोरेट और सरकारी ऑफिस और शैक्षणिक संस्थानों में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. वहीं, स्कूलों और कॉलेजों में प्रतियोगताएं भी आयोजित होती हैं. ऐसे में आप अगर महिला दिवस पर कोई स्पीच तैयार कर रहे हैं स्कूल, कॉलेज या दफ्तर के लिए तो, हम यहां पर उन महिलाओं के नाम बता रहे हैं जिन्होंने महिलाओं की सामाजिक स्थिति को सुधारने के लिए उल्लेखनीय काम किया है. आप उनके नाम को अपनी स्पीच में उदाहरण के तौर पर जोड़ सकते हैं.
स्ट्रोक आने से 7 दिन पहले शरीर में नजर आने लगते हैं ये लक्षण, यहां जानिए पहचान करने का तरीका
-
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
ये रहे नाम
सावित्रीबाई फुले - Savitribai Phuleजब भी महिलाओं की स्थिति को सुधारने की बात आती है तो पहला नाम सावित्रीबाई फुले का जरूर आता है. इन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए काम किया. सावित्रीबाई फुले ने अज्ञान, शिक्षा के लिए जाग्रत हो जाओ, श्रेष्ठ धन, अंग्रेजी मय्या जैसे लेखों के माध्यम से महिला शिक्षा पर जोर दिया.
आपको बता दें कि सावित्रीबाई फुले की 9 साल की उम्र में शादी कर दी गई थी. लेकिन, उनकी पढ़ाई-लिखाई में रुचि को देखते हुए उनके पति ज्योतिराव फुले ने पूरा साथ दिया. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद 18 साल की उम्र में सावित्रीबाई ने महिलाओं को पढ़ाना शुरू कर दिया था. उन्होंने 1 जनवरी, 1848 में ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर गुलाम भारत का पहला महिला विद्यालय पुणे में खोला.
दुर्गाबाई देशमुख - Durgabai Deshmukhदुर्गाबाई ने बाल विवाह के विरोध में आवाज उठाई. आपको बता दें कि दुर्गाबाई की 8 साल की उम्र में शादी की थी लेकिन उन्होंने 15 साल की उम्र में इसे खत्म कर दिया . इसके बाद उन्होंने साल 1953 में, भारत के तत्कालीन वित्त मंत्री चिंतामन देशमुख से दूसरी शादी कर ली थी. साथ ही दुर्गाबाई ने देवदासी प्रथा का भी विरोध किया.
कमलादेवी चट्टोपाध्याय - Kamaladevi Chattopadhyayकमलादेवी चट्टोपाध्याय का देश की स्वतंत्रता में अहम योगदान रहा है. कमलादेवी ही थीं जिन्होंने 1942 में अखिल भारतीय महिला सम्मेलन की अध्यक्ष बनकर महिलाओं को मैटरनिटी लीव देने की बात उठाई.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं