Madhumakhi Ke Katne Par Kya Karna Chaiye: गर्मियों और बारिश के मौसम में मधुमक्खियों का दिखना बेहद आम होता है. बता दें कि हर साल 20 मई को वर्ल्ड बी डे मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य हमारे पारिस्थितिकी तंत्र और खाद्य सुरक्षा के लिए मधुमक्खियों और दूसरे परागणकों के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाना है. बता दें कि मधुमक्खियां केवल शहद ही नहीं बनातीं, बल्कि प्रकृति और हमारे जीवन में उनकी भूमिका बेहद अहम है. लेकिन जब मधुमक्खी काट लेती है तो ये सब भूलकर उस पर गुस्सा बहुत आती है.
कई बार बगीचे, खेत, छत या बाहर घूमते समय मधुमक्खी अचानक से काट लेती है. मधुमक्खी के काटने पर लोग घबरा जाते हैं और तुरंत ही वो घरेलू उपाय करने लग जाते हैं, जिससे उन्हें आराम मिले. जिस वजह से कई बार उस जगह पर दर्द और सूजन बढ़ सकती है. इसलिए जरूरी है कि मधुमक्खी के काटने पर सही समय पर सही उपचार किया जाए.
दरअसल जब मधुमक्खी किसी को काटती है तो उसका एक छोटा सा डंक स्किन पर रह सकता है. इसी डंक से जहर शरीर में जाता है, जिस वजह से दर्द, जलन होना, लालपन और सूजन होने लगती है. कुछ लोगों में इसका असर कम होता है तो वहीं जिन लोगों को एलर्जी होती है उनके लिए ये खतरनाक भी हो सकता है.
मधुमक्खी के काटने पर क्या करें?
अगर मधुमक्खी काट ले, तो घबराने की बजाय सही स्टेप उठाना सबसे जरूरी है.
- सबसे पहले डंक (stinger) को देखें और अगर स्किन में फंसा हो तो उसे धीरे-धीरे निकालें.
- डंक निकालते वक्त उसे दबाएं नहीं, वरना जहर और अंदर जा सकता है.
- इसके बाद प्रभावित जगह को साबुन और साफ पानी से धो लें, ताकि इंफेक्शन का खतरा कम हो सके.
- आखिर में बर्फ को कपड़े में लपेटकर 10–15 मिनट तक सिकाई करें, इससे सूजन और दर्द कम होता है.
सूजन और दर्द कम करने के तरीके
डंक के बाद होने वाली जलन, सूजन और दर्द को कम करने के लिए ये आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं:
- आइस पैक: सबसे असरदार और तुरंत राहत देने वाला उपाय
- एंटी-एलर्जी दवा: खुजली ज्यादा हो तो डॉक्टर की सलाह से लें
- आराम दें: प्रभावित हिस्से को रगड़ें या खुजाएं नहीं
ये उपाय शरीर में जहर के असर को कम करने में मदद करते हैं और रिकवरी तेज करते हैं.
मधुमक्खी के काटने पर क्या ना करें
बता दें कि कई लोग मधुमक्खी के काटने पर तुरंत मिट्टी, टूथपेस्ट या पेट्रोल और खटट्टी चीज लगा लेते हैं, लेकिन डॉक्टर की बिना सलाह लिए ऐसे उपाय करना सही नहीं माना जाता है. अगर काटने वाली जगह पर खुजली ज्यादा हो रही है तो डॉक्टर की सलाह से एंटी-एलर्जी दवा ली जा सकती है.
कब हो जाए सतर्क?
अगर मधुमक्खी काटने के बाद आपको सांस लेने में दिक्कत, चेहरे या गले में सूजन, चक्कर, उल्टी या तेज बेचैनी होने लगे तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें. ये एलर्जिक रिएक्शन के संकेत हो सकते हैं. ऐसी हालत में तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है.
कैसे करें बचाव?
अगर आपके आसपास मधुमक्खी मंडराए तो कभी भी घबराहट में आकर हाथ-पैर न चलाएं. बल्कि अपनी जगह पर बिल्कुल शांत खड़े हो जाएं, ऐसा करने से डंक मारने का खतरा कम हो जाता है.
मधुमक्खी से बचने के आसान उपाय
डंक से बचाव भी उतना ही जरूरी है:
- मधुमक्खी दिखे तो घबराएं नहीं, शांत रहें.
- उनके आसपास हाथ-पैर तेजी से न चलाएं.
- फूलों वाले इलाकों में सतर्क रहें.
- मीठे खाने-पीने की चीजें खुली न छोड़ें.
- शांत रहना ही सबसे बड़ा बचाव है, क्योंकि मधुमक्खी ज्यादातर तब ही डंक मारती है जब उसे खतरा महसूस होता है.
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