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क्या है सीड साइक्लिंग? Nutritionist ने बताया कैसे यह हार्मोनल बैलेंस में है मददगार

What Is Seed Cycling: पीरियड्स की हर समस्या का समाधान हैं ये 4 जादुई बीज, इस आर्टिकल में एक्सपर्ट से जानें इस्तेमाल का सही तरीका और फायदे.

क्या है सीड साइक्लिंग? Nutritionist ने बताया कैसे यह हार्मोनल बैलेंस में है मददगार
What Is Seed Cycling: क्या है सीड साइकलिंग.

Seeds For Natural Hormone Balance: आज के समय में महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance) एक आम समस्या बन गई है. कभी पीरियड्स समय पर नहीं आते, तो कभी भयंकर दर्द और चेहरे पर मुहांसे (Acne) निकल आते हैं. सोशल मीडिया और वेलनेस की दुनिया में इन दिनों 'सीड साइकलिंग' (Seed Cycling) शब्द काफी चर्चा में है. न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया है कि कैसे आप सिर्फ चार तरह के बीजों का इस्तेमाल करके अपने हार्मोंस को नेचुरल तरीके से बैलेंस कर सकती हैं. आइए जानते हैं क्या है यह तरीका और इसके क्या फायदे हैं. 

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​क्या है सीड साइकलिंग? (What is Seed Cycling?)

​सीड साइकलिंग का मतलब है अपने पीरियड्स के अलग-अलग दिनों में खास तरह के बीजों का सेवन करना. हमारे शरीर में पीरियड्स के दौरान हार्मोंस का लेवल बदलता रहता है. अलसी (Flax seeds), कद्दू के बीज (Pumpkin seeds), सूरजमुखी के बीज (Sunflower seeds) और तिल (Sesame seeds) में ऐसे पोषक तत्व होते हैं जो इन हार्मोंस को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.

​कैसे करें सीड साइकलिंग? (Step-by-Step Guide)

​न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन के अनुसार- 

​स्टेप 1- पीरियड्स के पहले 15 दिन- 

​पीरियड्स शुरू होने के पहले दिन से लेकर 15वें दिन तक आपको रोजाना एक से दो चम्मच कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) और अलसी के बीज (Flax Seeds) का कॉम्बिनेशन खाना चाहिए.

​क्यों खाएं?- ये दोनों बीज 'फाइटोएस्ट्रोजन' और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं.

फायदा- ये शरीर में एस्ट्रोजन लेवल को बेहतर बनाते हैं, जिससे आप पूरे दिन एनर्जेटिक महसूस करती हैं और आपके हार्मोंस को सपोर्ट मिलता है.

​स्टेप 2: अगले 15 दिन- 

​पीरियड्स के 16वें दिन से लेकर अगले पीरियड शुरू होने तक (लगभग 15 दिन), आपको रोजाना एक चम्मच तिल का पाउडर और सूरजमुखी के बीज (Sunflower Seeds) लेने हैं. 

​क्यों खाएं?-  ये बीज शरीर में 'प्रोजेस्टेरोन' हार्मोन के लेवल को बढ़ाने में मदद करते हैं. इनमें विटामिन-ई (Vitamin E) भरपूर मात्रा में होता है.

​फायदा- विटामिन-ई गर्भाशय (Uterus) की परत को मजबूत बनाता है. यह आपके शरीर को अगले पीरियड या प्रेग्नेंसी के लिए तैयार करता है.

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