लोग अक्सर स्किन बैरियर को सिर्फ रूखेपन यानी ड्राइनेस से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसका काम इससे कहीं ज्यादा होता है. यह त्वचा की पहली सुरक्षा परत होती है, जो नमी को बनाए रखने, बाहरी नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को दूर रखने और त्वचा का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है. जब स्किन बैरियर कमजोर हो जाता है, तो त्वचा में खिंचाव, रूखापन, खुजली या संवेदनशीलता महसूस हो सकती है. इसके अलावा लालिमा, त्वचा का छिलना, ज्यादा तेल निकलना और बार-बार मुंहासे होना भी इसके खराब होने के संकेत हो सकते हैं.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डीकंस्ट्रक्ट की संस्थापक और सीईओ मालिनी अडापुरेड्डी कहती हैं कि स्किन बैरियर की देखभाल की शुरुआत यह समझने से होनी चाहिए कि त्वचा को वास्तव में क्या जरूरत है. इसका मतलब यह नहीं है कि एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया जाए, बल्कि उन्हें सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए. ऐसे उत्पाद बेहतर साबित होते हैं जिनकी फॉर्मूलेशन त्वचा को बार-बार परेशान किए बिना अच्छे रिजल्ट दे सके.
स्किन बैरियर खराब होने के संकेत
स्किन बैरियर खराब होने के संकेत हर व्यक्ति की त्वचा पर अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं. अगर आपकी त्वचा ड्राई है, तो वह रूखी, खुरदरी और पपड़ीदार लग सकती है. वहीं, डिहाइड्रेटेड यानी पानी की कमी वाली त्वचा में खिंचाव महसूस हो सकता है, जबकि ऊपर से वह ऑयली भी दिखाई दे सकती है. संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को परफ्यूम वाले प्रोडक्ट्स, तेज एसिड्स, हार्श फेस वॉश या स्क्रब इस्तेमाल करने के बाद जलन, चुभन, लालिमा या गर्माहट महसूस हो सकती है. इसके अलावा ज्यादा नमी वाला मौसम, पसीना, बार-बार चेहरा धोना और लंबे समय तक एयर कंडीशनर में रहना भी स्किन बैरियर की समस्याओं को बढ़ा सकता है. इसलिए त्वचा के इन संकेतों को समय रहते पहचानना और सही देखभाल करना बहुत जरूरी है.
स्किन बैरियर की देखभाल में न करें ये गलतियां
कई बार हम अपनी त्वचा की छोटी-छोटी परेशानियों को नजरअंदाज कर देते हैं. चेहरा ऑयली दिखता है, तो लगता है कि मॉइस्चराइजर की जरूरत ही नहीं है, लेकिन सच्चाई यह है कि तैलीय त्वचा भी अंदर से डिहाइड्रेटेड हो सकती है. ऐसे में सही मॉइस्चराइजर त्वचा को जरूरी नमी देने के साथ अतिरिक्त तेल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है. अगर आप मुंहासों से परेशान हैं, तो हल्के और नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर बेहतर विकल्प हो सकते हैं. एक और आम गलतफहमी यह है कि किसी स्किनकेयर प्रोडक्ट को लगाने के बाद अगर जलन या चुभन हो रही है, तो वह असर दिखा रहा है, जबकि ज्यादातर मामलों में यह त्वचा में हो रही इरिटेशन का संकेत होता है. इसलिए ऐसी परेशानी को नजरअंदाज न करें.
सिर्फ ज्यादा प्रतिशत देखकर प्रोडक्ट न चुनें
अक्सर हम सोचते हैं कि जिस प्रोडक्ट में एक्टिव इंग्रीडिएंट की मात्रा ज्यादा होगी, वह ज्यादा असरदार होगा, लेकिन स्किनकेयर में ऐसा हमेशा नहीं होता. किसी प्रोडक्ट की असली ताकत उसकी पूरी फॉर्मूलेशन, संतुलन और त्वचा के साथ उसकी अनुकूलता पर निर्भर करती है. इसलिए बड़े-बड़े दावों के बजाय ऐसे प्रोडक्ट चुनें जिन्हें आपकी त्वचा आराम से लंबे समय तक इस्तेमाल कर सके.
त्वचा परेशान लगे तो रूटीन आसान करें
अगर अचानक चेहरा जलने लगे, त्वचा छिलने लगे या बहुत ज्यादा संवेदनशील महसूस हो, तो कुछ दिनों के लिए अपनी स्किनकेयर रूटीन को सरल बना दें. सिर्फ एक सौम्य फेस क्लेंजर, गुनगुना पानी और बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें. कई बार त्वचा को ठीक होने के लिए बस थोड़ा आराम और कम प्रोडक्ट्स की जरूरत होती है.
स्किन बैरियर और एक्टिव्स के बीच संतुलन जरूरी
स्किन बैरियर को मजबूत बनाने का मतलब यह नहीं है कि आपको सभी एक्टिव इंग्रीडिएंट्स छोड़ देने चाहिए. सेरामाइड्स, नायसिनामाइड और पैंथेनॉल जैसे तत्व त्वचा को हाइड्रेटेड, शांत और मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं. बस जरूरत है उन्हें सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करने की. जब स्किनकेयर में संतुलन बना रहता है, तभी त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ, चमकदार और खुश नजर आती है.
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