एयरपोर्ट डिवोर्स नाम का एक नया ट्रैवल ट्रेंड सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से चर्चा में है. जो भी इस नाम को सुन रहा है तो उसे सुनकर ऐसा लग रहा है कि किसी रिश्ते के टूटने की बात हो रही है, लेकिन असल में इसका तलाक से कोई संबंध नहीं है. दरअसल, यह एक ऐसा तरीका है, जिसमें कपल्स एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए अलग-अलग रहकर अपनी पसंद के हिसाब से समय बिताते हैं, ताकि यात्रा के दौरान होने वाले तनाव और बहस से बचा जा सके.
क्या है एयरपोर्ट डिवोर्स
एयरपोर्ट डिवोर्स का मतलब है कि बैग चेक-इन करने के बाद और फ्लाइट में बैठने तक दोनों पार्टनर अपनी-अपनी पसंद के मुताबिक समय बिताएं. कोई जल्दी गेट पर पहुंचकर इंतजार करना पसंद करता है, तो कोई आराम से शॉपिंग या कैफे में समय बिताना चाहता है. बोर्डिंग से पहले दोनों फिर से मिल जाते हैं.
कैसे शुरू हुआ यह ट्रेंड
इस शब्द को ट्रैवल राइटर ह्यू ऑलिवर ने 2025 में एक लेख के जरिए लोकप्रिय बनाया. उन्होंने बताया कि उनकी और उनकी पत्नी की ट्रैवल आदतें अलग हैं, इसलिए एयरपोर्ट पर थोड़ी देर अलग रहना उनके लिए यात्रा को ज्यादा आसान और तनावमुक्त बना देता है.
यह भी पढ़ें: बारिश में रोज पौधों को दे रहे हैं पानी, सड़ जाएंगी जड़ें, आज से यह काम करें
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इस ट्रेंड को लेकर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कुछ लोगों का कहना है कि यह कपल्स के बीच अनावश्यक तनाव कम करने का अच्छा तरीका है. वहीं कई यूजर्स का मानना है कि अगर साथ यात्रा कर रहे हैं, तो अलग रहने की जरूरत ही क्या है.
ध्यान देने वाली बात
यह ट्रेंड सिर्फ सोशल मीडिया और ट्रैवल अनुभवों पर आधारित है. इसका उद्देश्य रिश्ते में दूरी बनाना नहीं, बल्कि यात्रा के दौरान छोटी-छोटी आदतों के टकराव से बचना है. इसे अपनाना या न अपनाना पूरी तरह व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है.
यह भी पढ़ें: Parenting Tips: बच्चों को खिलौनों की जगह दें ये 5 गिफ्ट, चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट ने बताया दिमाग होगा तेज
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं