
Effective tips to Control Over Thinking: अक्सर लोग किसी बात को लेकर जब सोचना शुरू करते हैं कुछ ज्यादा ही परेशान हो जाते हैं. जब व्यक्ति अहम फैसले लेता है या उसके साथ कोई घटना घटती है तो दिमाग जरूरत से ज्यादा सोचना शुरू कर देता है. कई बार लोग किसी बात को लेकर इतना सोचने लगते हैं कि रात को नींद नहीं आती और जिंदगी अस्त व्यस्त हो जाती है. लोग एक ही बात को लेकर सोचते रहते हैं और उसे दिमाग से निकाल नहीं पाते हैं. इसे ओवर थिंकिंग कहते हैं.अक्सर लोग ओवर थिंकिंग (what is Overthinking ) का शिकार हो जाते हैं और इसका निगेटिव असर उनकी सेहत और दिमाग पर पड़ने लगता है. ऐसे कई टिप्स (Tips to get Rid of Over Thinking) हैं जिनकी मदद से ओवरथिंकिंग से छुटकारा पाया जा सकता है. चलिए ऐसे ही कुछ टिप्स (How to control Over Thinking) पर आज बात करते हैं जिनकी मदद से ओवर थिंकिंग से निजात पाई जा सकती है और दिमाग को शांति मिल सकती है.
ओवर थिंकिंग के लक्षण (Symptoms of Overthinking)
- व्यक्ति छोटी-छोटी बातों को बार-बार सोचता रहता है.
- कई बार व्यक्ति अपने ही सवालों में उलझा रहता है और आस पास के लोगों से कट जाता है.
- ओवर थिंकिंग करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से थका हुआ महसूस करने लगता है.
- लगातार सोचने वाले व्यक्ति के मन में सोने से पहले निगेटिव विचार आने लगते हैं.
- ऐसे लोग लगातार चिंतित या बेचैन रहने लगते हैं.
- ओवर थिंकिंग के शिकार लोग किसी खास परिस्थिति के बारे में लगातार सोचने लगते हैं.
- ये लोग किसी अन्य बात पर फैसले नहीं ले पाते और न ही विचार व्यक्त कर पाते हैं.
- ओवर थिंकिंग करने वाले लोग आराम नहीं कर पाते हैं.
- ऐसे लोगों का दिमाग हमेशा व्यस्त और थका हुआ रहता है.
- ओवर थिंकिंग करने वाला व्यक्ति अपनी ही गलतियां निकालने लगता है.
- ऐसे लोग अपने आस पास के लोगों से झगड़ा करने लगते हैं.

ओवर थिंकिंग के नुकसान (Side Effects of Overthinking)
- ओवर थिंकिंग के कई नुकसान हैं, जैसे इसकी वजह से व्यक्ति डिप्रेशन में जा सकता है.
- ओवर थिंकिंग के चलते नींद का साइकिल डिस्टर्ब हो सकता है.
- ओवर थिंकिंग के चलते माइग्रेन और सिर में दर्द रहने लगता है.
- ओवर थिंकिंग के चलते एंजाइटी और स्ट्रेस हावी हो जाते हैं.
- ओवर थिंकिंग के चलते फोकस में कमी आ जाती है.
- ओवर थिंकिंग के चलते याददाश्त पर बुरा असर पड़ता है.
- ओवर थिंकिंग के चलते दिमाग और शरीर में थकावट रहने लगती है.
- ओवर थिंकिंग के चलते पैनिक अटैक आ सकते हैं.
- ओवर थिंकिंग के चलते हाई बीपी की परेशानी सिर उठा सकती है.
इन टिप्स की मदद से पाएं ओवरथिंकिंग से छुटकारा (Tips to get Rid of Over Thinking)
- आप लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके ओवरथिंकिंग से छुटकारा पा सकते हैं.
- ओवर थिंकिंग से बचने के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है.
- गहरी सांस लेकर चार से उल्टी गिनती कीजिए, पहले चार, फिर तीन, फिर दो और फिर एक.इससे आपका मन और दिमाग शांत होगा.
- जिस परेशानी को लेकर ओवर थिंकिंग कर रहे हैं उसे टुकड़ों टुकड़ों में हल करना सीखिए. इससे आपके दिमाग पर ज्यादा जोर नहीं पड़ेगा.
- अपने थॉट्स यानी विचारों को चुनौती देना सीखिए. यानी अपने विचारों पर कंट्रोल करने की कोशिश कीजिए.
- फोकस करना सीखिए. जिस काम को कर रहे हैं, उस पर फोकस रखिए.
- ओवर थिंकिंग के लिए टाइम लिमिट बनाइए. जैसे अगर किसी चीज पर सोचना है तो उतनी ही देर के लिए उस पर सोचिए और फिर रुक जाइए.
- डेली फिजिकल एक्टिविटी ज्वाइन कीजिए. इससे आपका दिमाग शांत होगा और शरीर में स्फूर्ति आएगी.
- खुद पर भरोसा करना सीखिए. जो लोग आत्मविश्वास रखते हैं, ओवर थिंकिंग उनके आस पास नहीं फटकती है.
- अपनी परेशानियों को पार्टनर के साथ साझा कीजिए. एक की बजाय दो लोग किसी परेशानी को जल्द सुलझा सकते हैं.
- अगर आपको लगता है कि आप ओवरथिंकिंग को काबू नहीं कर पा रहे हैं तो कंसलटेंट से मदद ली जा सकती है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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