कई लोगों की सैलरी अच्छी होती है, लेकिन महीने के आखिर तक बैंक अकाउंट लगभग खाली हो जाता है. फिर यही सवाल मन में आता है कि आखिर पैसा जा कहां रहा है? सच तो ये है कि सिर्फ ज्यादा कमाना ही फाइनेंशियल सिक्योरिटी की गारंटी नहीं है. अगर कमाई के साथ बचत और इंवेस्ट की आदत नहीं है, तो अच्छी इनकम भी लंबे समय तक प्रॉपर्टी या सेविंग नहीं बना पाती. वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि असली फर्क आपकी कमाई नहीं, बल्कि उसे संभालने और बढ़ाने के तरीके से पड़ता है. यही आदत फ्यूचर की फाइनेंशियल सिक्योरिटी और मजबूत इंवेस्टमेंट बनाने की नींव रखती है.
अच्छी कमाई के बाद भी बचत क्यों नहीं हो पाती?
एक्सपर्ट मानते हैं कि लंबे समय में सेविंग या प्रॉपर्टी इस बात से बनती है कि आप अपनी कमाई में से कितना बचाते और इंवेस्ट करते हैं. कई लोग बिना बजट बनाए खर्च करते हैं. इसलिए उन्हें ये भी पता नहीं चलता कि पैसा कहां निकल गया. फाइनेंशियल मैनेजमेंट की शुरुआत बहुत आसान बातों से होती है. जैसे अपनी इनकम और खर्च का हिसाब रखना, हर महीने कुछ रकम बचाना, सही जगह इंवेस्ट करना, महंगाई के असर को समझना और इंवेस्ट में जोखिम का आकलन करना. जब ये आदतें बन जाती हैं. तो लोग जल्दी अमीर बनने के झूठे वादों और फर्जी इंवेस्टमेंट स्कीम से भी बच जाते हैं.
पैसा बढ़ाने का सबसे बड़ा मंत्र
इंवेस्टमेंट की दुनिया में सबसे ताकतवर चीज कंपाउंडिंग मानी जाती है. इसका मतलब है कि आपका पैसा ही नहीं, उस पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे कमाई करने लगता है. यही वजह है कि छोटी-छोटी रकम का नियमित इंवेस्टमेंट भी लंबे समय में बड़ा फंड बना सकता है. इसके लिए पेशेंस रखना बेहद जरूरी है. बाजार में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन घबराकर इंवेस्टमेंट रोक देना या पैसा निकाल लेना अक्सर नुकसान पहुंचा सकता है.
ऐसे होगी बचत आसान
अगर इंवेस्ट का कोई स्पष्ट टारगेट नहीं है, तो बचत की आदत भी कमजोर पड़ जाती है. बच्चों की पढ़ाई, घर खरीदना या रिटायरमेंट जैसे लक्ष्य तय होने पर व्यक्ति ज्यादा व्यस्थित इंवेस्टमेंट कर पाता है.
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