LPG Gas Consumption: कई बार ऐसा होता है कि घर में सब्जी चढ़ी होती है, रोटियां बन रही होती हैं और तभी अचानक गैस खत्म हो जाती है. ऐसे समय पर सबसे ज्यादा यही सवाल मन में आता है कि आखिर सिलेंडर कब खत्म हो गया, इसका अंदाजा पहले क्यों नहीं लगा. सच तो ये है कि ज्यादातर लोगों को ये पता ही नहीं होता कि उनके घर में रोज कितनी LPG गैस खर्च हो रही है.
अगर गैस की खपत का थोड़ा-सा हिसाब समझ आ जाए, तो न सिर्फ सिलेंडर खत्म होने से पहले तैयारी की जा सकती है, बल्कि गैस का खर्च भी कम किया जा सकता है. आइए जानते हैं LPG की खपत कैसे मापी जाती है और कुछ आसान तरीकों से गैस की बचत कैसे की जा सकती है.
LPG क्या होती है-
LPG यानी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस. ये वही गैस है जिसका इस्तेमाल ज्यादातर भारतीय घरों में खाना बनाने के लिए किया जाता है. इसे सिलेंडर में तरल रूप में रखा जाता है और इस्तेमाल के समय ये गैस में बदल जाती है. इसकी खास बात ये है कि कम मात्रा में भी ये अच्छी-खासी गर्मी पैदा करती है.

कैसे पता करें कि सिलेंडर में कितनी गैस है. (Image NDTV)
गैस का इस्तेमाल समझेंगे तो होगी बचत-
जब आपको ये पता होता है कि घर में गैस कितनी खर्च हो रही है, तो सिलेंडर खत्म होने से पहले ही नया सिलेंडर बुक किया जा सकता है. इससे बीच में खाना बनाते समय परेशानी नहीं होती. साथ ही गैस का मासिक खर्च समझने और बजट बनाने में भी मदद मिलती है.
LPG की खपत कैसे निकाली जाती है-
गैस की खपत का हिसाब लगाने के लिए तीन चीजें जरूरी होती हैं. पहला, सिलेंडर में मौजूद गैस की मात्रा. दूसरा, LPG की ऊर्जा क्षमता. तीसरा, जिस उपकरण का इस्तेमाल हो रहा है उसकी रेटिंग. उदाहरण के लिए, अगर कोई गैस वॉटर हीटर एक घंटे में लगभग 18 MJ ऊर्जा इस्तेमाल करता है, तो उसकी LPG खपत करीब 0.39 किलो प्रति घंटा होगी. इस हिसाब से 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर लगभग 36 घंटे तक चल सकता है.
किन वजहों से गैस ज्यादा खर्च होती है-
पुराने या गंदे बर्नर गैस ज्यादा खर्च कर सकते हैं. इसके अलावा तेज आंच पर लंबे समय तक खाना पकाने से भी सिलेंडर जल्दी खाली होता है. उपकरण की सही देखभाल न होने पर भी गैस की खपत बढ़ सकती है.
कैसे चेक करें कि सिलेंडर में कितनी गैस- (Wet Cloth Trick For Gas Cylinder)
- कपड़ा गीला करें- सबसे पहले एक सूती कपड़ा लें और उसे पानी से अच्छी तरह भिगो लें. ध्यान रहे कि कपड़ा बहुत ज्यादा टपकता हुआ न हो, बस अच्छी तरह गीला होना चाहिए.
- सिलेंडर पर फेरें- अब इस गीले कपड़े को अपने गैस सिलेंडर के ऊपर से लेकर नीचे तक चारों तरफ रगड़ें या फेरें. सिलेंडर के ऊपर पानी की एक पतली परत सी बन जानी चाहिए.
- 1 मिनट का इंतजार- कपड़ा फेरने के बाद आपको बस एक मिनट तक इंतजार करना है. इस दौरान आप देखेंगे कि सिलेंडर पर लगा पानी धीरे-धीरे सूखने लगेगा.
- टच करके देखें- एक मिनट बाद आप सिलेंडर की बॉडी को ऊपर से नीचे तक छूकर देखें.
- गीला कपड़ा- गीले कपड़े को सिलेंडर पर लगाने के बाद जहां हिस्सा जल्दी सूख जाए, वह खाली होता है, जबकि जो हिस्सा ठंडा और गीला रहता है, वहां गैस मौजूद हो सकती है.
यहां देखें वीडियो-
गैस बचाने के आसान उपाय-
खाना बनाते समय बर्तन को ढककर रखें ताकि गर्मी बाहर न निकले. दाल और अनाज को पहले से भिगो लें, इससे वे जल्दी पकते हैं. जरूरत न हो तो तेज आंच का इस्तेमाल न करें. बर्नर की नियमित सफाई करते रहें. ये छोटी-छोटी आदतें गैस की अच्छी बचत कर सकती हैं.
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