विज्ञापन

रोज 10 मिनट योग से बदल सकती है आपकी जिंदगी, जानिए आसन और फायदे

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जानिए आसान योगासन और प्राणायाम के बड़े फायदे. कैसे योग शरीर, दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, पढ़ें पूरी जानकारी आसान भाषा में,

रोज 10 मिनट योग से बदल सकती है आपकी जिंदगी, जानिए आसन और फायदे
योग दिवस पर अपनाएं ये आसान योगासन और प्राणायाम, शरीर और दिमाग दोनों रहेंगे फिट
NDTV

हर साल 21 जून को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. योग सिर्फ शरीर को फिट रखने का तरीका नहीं है, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा को एक साथ संतुलित रखने में मदद करता है. आज की भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में स्वस्थ रहने के लिए योग बहुत कारगर उपाय है. यह हमारे शरीर और दिमाग दोनों को मजबूत बनाता है.

इस लेख में हम आसान भाषा में कुछ जरूरी योगासन और प्राणायाम के बारे में बात करेंगे साथ ही यह भी जानेंगे कि इनके क्या फायदे हैं और वैज्ञानिक इसे क्यों फायदेमंद मानते हैं, ताकि आप इस योग दिवस से अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकें. 

मुख्य योगासन और शरीर को होने वाले फायदे

नियमित रूप से सही तरीके से किए गए योगासन शरीर को लचीला, मजबूत और रोगमुक्त बनाते हैं. यहां कुछ बेहद प्रभावी आसनों की सूची और उनके लाभ दिए गए हैं,

  • ताड़ासन: एक आसान योगासन है, जो आपकी रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत बनाता है. यह खासकर बच्चों और युवाओं के लिए फायदेमंद है क्योंकि इससे लंबाई बढ़ने में मदद मिल सकती है. साथ ही, यह आपके पूरे शरीर के पोश्चर को भी सुधारता है.
  • भुजंगासन: उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठकर काम करते हैं. यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है, कमर और पीठ के दर्द में राहत देता है साथ ही, इससे फेफड़ों की ताकत बढ़ती है और थायरॉयड ग्रंथि को संतुलित रखने में भी मदद मिलती है.
  • वज्रासन : यह योग विज्ञान का एकमात्र ऐसा आसन है जिसे खाना खाने के तुरंत बाद भी किया जा सकता है. यह पाचन तंत्र को एक्टिव कर गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं में आराम देता है साथ ही यह डायबिटीज यानी शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है.
  • पवनमुक्तासन: यह आसन आपके पेट के अंदर के हिस्सों पर हल्का दबाव डालता है, जिससे वे अच्छे से काम करने लगते हैं, इससे खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है और पेट पर जमा जिद्दी चर्बी कम करने में भी मदद मिलती है.
  • त्रिकोणासन : शरीर के दोनों तरफ के हिस्से और कमर की अतिरिक्त चर्बी को कम करने के लिए यह एक बेहतरीन स्ट्रेचिंग आसन है, इससे पैर, हाथ और छाती की मांसपेशियां मज़बूत होती हैं.
  • बालासन: यह एक रिलैक्सिंग आसन है जो मानसिक तनाव, चिंता और शारीरिक थकान को पल भर में दूर करता है. इसके नियमित अभ्यास से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है.
  • शवासन: एक ऐसा आसान आसन है जो योग के अंत में किया जाता है, इसमें आप शरीर को बिल्कुल ढीला छोड़ देते हैं, जिससे दिमाग और शरीर पूरी तरह शांत हो जाते हैं. यह आपको गहरा आराम देता है और थकान व तनाव को कम करने में मदद करता है.

प्राणायाम: मन को शांत रखने और एनर्जी बढ़ाने का आसान तरीका

सिर्फ शरीर को मजबूत रखना ही नहीं, मन को भी खुश और शांत रखना जरूरी है. प्राणायाम हमारी सांसों के जरिए सीधे दिमाग और शरीर पर असर डालता है.

  • साधारण प्राणायाम (सांस लेने के आसान तरीके): यह शरीर में ऑक्सीजन बढ़ाता है, जिससे तनाव कम होता है. साथ ही ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और शरीर की इम्यूनिटी (बीमारी से लड़ने की ताकत) भी मजबूत होती है.
  • अनुलोम-विलोम: यह दिमाग को शांत करता है और उसे बैलेंस रखने में मदद करता है, इससे सिरदर्द, माइग्रेन और एंग्जायटी जैसी दिक्कतों में राहत मिलती है.
  • कपालभाति: यह एक खास सांस का अभ्यास है, जो शरीर को अंदर से साफ करने में मदद करता है, इससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है, वजन कम करने में मदद मिलती है और पेट व लिवर से जुड़ी समस्याएं भी कम होती हैं.

स्वास्थ्य में योग का फायदा

योग सिर्फ पुराने समय की बात नहीं है, अब डॉक्टर और वैज्ञानिक भी मानते हैं कि इससे शरीर और दिमाग दोनों को फायदा मिलता है.

  • पूरी सेहत में सुधार: योग करने से तनाव कम होता है और मन शांत रहता है, इससे अच्छी आदतें अपनाने में मदद मिलती है, नींद अच्छी आती है और शरीर व दिमाग दोनों संतुलित रहते हैं.
  • पुराने दर्द में राहत: अगर आपको गर्दन, पीठ, घुटनों या सिर में बार-बार दर्द रहता है, तो योग करने से इसमें काफी राहत मिल सकती है.
  • वजन और नशे पर कंट्रोल: योग से वजन धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से कम होता है साथ ही, जो लोग स्मोकिंग या किसी नशे की आदत छोड़ना चाहते हैं, उन्हें भी इससे मदद मिलती है.
  • गंभीर समस्याओं में मदद: योग करने से एंग्जायटी और डिप्रेशन कम करने में मदद मिलती है. महिलाओं को मेनोपॉज के समय भी राहत मिलती है और जो लोग किसी बड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनकी लाइफ भी बेहतर होती है.

विशेष अनुसंधान: कैंसर देखभाल में योग की भूमिका

दुनिया की अग्रणी संस्था कैंसर रिसर्च यूके (Cancer Research UK) के विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों और समीक्षाओं में कैंसर के मरीजों के लिए योग को बेहद फायदेमंद पाया गया है:

  • तनाव और मूड में सुधार: कैंसर के इलाज (जैसे कीमोथेरेपी या रेडिएशन) के दौरान होने वाले अत्यधिक तनाव को कम करने के लिए मरीज योग का सहारा लेते हैं. योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन से निपटने का एक पूरी तरह से प्राकृतिक तरीका है, जो मरीज के मूड को बेहतर बनाता है.
  • सर्जरी के बाद तेजी से रिकवरी: कैंसर की कठिन सर्जरी के बाद, योग मरीजों को आसानी से हिलने-डुलने, जोड़ों की जकड़न दूर करने और शरीर को प्राकृतिक रूप से तेजी से रिकवर होने में मदद करता है.
  • वैज्ञानिक साक्ष्य (2017 कोक्रेन रिव्यू): ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिलाओं पर की गई 24 क्लिनिकल स्टडीज की एक वैज्ञानिक समीक्षा में यह निष्कर्ष निकला कि योग कैंसर के मरीजों में नींद की समस्या, थकान, एंग्जायटी और डिप्रेशन के स्तर को काफी कम कर देता है.
  • क्लिनिकल ट्रायल्स का निष्कर्ष (मार्च 2010): कैंसर मरीजों पर किए गए 10 क्लिनिकल ट्रायल्स के एक रिव्यू में पाया गया कि योग न केवल मरीजों के मानसिक तनाव को कम करता है, बल्कि उनकी नींद की क्वालिटी, मूड और आध्यात्मिक चेतना को भी एक नई ऊर्जा देता है. हालांकि, शोधकर्ताओं का मानना है कि कैंसर के मामलों में योग हमेशा योग्य ट्रेनर की देखरेख में और डॉक्टर की सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए.

इसे भी पढ़ें: जरूरी खबर: मिलावटी हल्दी से गई दुल्हन की जान, हल्दी खरीदते हुए रखें इन बातों का ध्यान

लेखक के बारे में
img
अमित सिंह
Senior Producer, Research
NDTV में कार्यरत अमित सिंह, मीडिया और इलेक्शन रिसर्च के क्षेत्र में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले एक कुशल प्रोफेशनल हैं। उन्हें प्राइम टाइम शोज... और पढ़ें
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
International Yoga Day, Yoga Benefits, Pranayama Benefits, Best Yoga Asanas, Healthy Lifestyle
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com