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रोते बच्चे को कैसे चुप कराएं, डॉक्टर ने बताया बच्चा रात में क्यों रोता है? जानिए वजहें और शांत करने के आसान तरीके

Raat Me Bacha Kyu Rota Hai: रात में बच्चे का रोना भूख, नैपी, गैस, दांत निकलना या थकान की वजह से हो सकता है. सही कारण समझकर आराम से बच्चे को शांत करना सबसे बेहतर तरीका है.

रोते बच्चे को कैसे चुप कराएं, डॉक्टर ने बताया बच्चा रात में क्यों रोता है? जानिए वजहें और शांत करने के आसान तरीके
मेरा बच्चा सोते समय अचानक क्यों रोता है?

Raat Me Bacha Kyu Rota Hai: रात में बच्चे का बार-बार रोना हर पेरेंट्स के लिए चिंता और थकान का कारण बन सकता है. कई बार समझ नहीं आता कि बच्चा किस वजह से रो रहा है और उसे कैसे शांत किया जाए. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि इतना छोटा बच्चा बोल नहीं सकता और अपनी हर जरूरत और तकलीफ को रो कर बताता है. तो आइए जानते हैं बच्चा रात में बार-बार क्यों रोता है.

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भूख और नैपी: नवजात और छोटे बच्चों का पेट छोटा होता है, इसलिए उन्हें बार-बार दूध की जरूरत पड़ती है. शुरुआती महीनों में हर 2–3 घंटे में दूध पीना बिल्कुल नॉर्मल है. इसके अलावा, गीला या गंदा नैपी भी बच्चे को परेशान कर सकता है और वह रोने लगता है. ऐसे में सबसे पहले भूख और नैपी चेक करना चाहिए.

गैस और रिफ्लक्स: दूध पीते समय बच्चे के पेट में हवा फंस सकती है, जिससे उसे कंफर्टेबल महसूस होता है. दूध पिलाने के बाद बच्चे को कंधे पर सीधा रखकर हल्के हाथ से पीठ थपथपाने से राहत मिलती है. कुछ बच्चों में रिफ्लक्स की समस्या भी होती है, जिसमें दूध पीने के बाद उल्टी हो सकती है.

दांत निकलना और कोलिक: लगभग 6 महीने की उम्र से दांत निकलना शुरू हो सकता है, जो बच्चे के लिए मुश्किल भरा होता है. वहीं, अगर बच्चा बिना किसी साफ वजह के घंटों तक रोता है, तो ये कोलिक हो सकता है. कोलिक आमतौर पर 3–4 महीने में अपने आप ठीक हो जाता है.

कब्ज: कब्ज की वजह से बच्चे को पेट में दर्द हो सकता है, जिससे वह रोता है. खासकर फॉर्मूला मिल्क पीने वाले बच्चों में यह समस्या ज्यादा दिखती है. इसके अलावा, बुखार या किसी इंफेक्शन की वजह से भी बच्चा रात में ज़्यादा रो सकता है.

बच्चे को शांत करने के आसान तरीके | How to Soothe a Crying Baby

बच्चे को अपने पास स्लिंग में पहनना या गोद में लेकर हल्के-हल्के हिलाना उसे सेफ महसूस कराता है. आपकी धड़कन और आवाज़ बच्चे को सुकून देती है. हल्का म्यूजिक, व्हाइट नॉइस या धीरे-धीरे गुनगुनाना भी बच्चे को शांत करने में मदद करता है.

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