हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा होशियार हो, नई चीजें जल्दी समझे और सीखे. इसके लिए पेरेंट्स कई जतन करते हैं. अब, अगर आप भी ऐसा ही कुछ चाहते हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. पीडियाट्रिशियन अभिषेक जैन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में बच्चों के डॉक्टर ने 5 आसान टिप्स बताई हैं. डॉक्टर बताते हैं, अगर माता-पिता बचपन से ही कुछ छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाएं, तो बच्चे के दिमाग के विकास में काफी मदद मिल सकती है. ये आदतें बच्चे की सोचने, समझने और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करती हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-
नंबर 1- बच्चे से खूब बातें करें
डॉक्टर कहते हैं, भले ही आपका बच्चा बोलना नहीं सीख पाया हो, लेकिन उससे रोज बात करें. उससे ऐसे बात करें जैसे वह आपकी बातें समझ रहा हो. आपकी आवाज, शब्दों की लय और बोलने का तरीका बच्चे का दिमाग लगातार सुनता और सीखता रहता है. इससे भाषा सीखने की क्षमता मजबूत होती है और आगे चलकर बच्चा जल्दी बोलना और समझना सीखता है.
नंबर 2- रोज किताबें पढ़कर सुनाएंहर दिन कुछ मिनट बच्चे के सामने किताबें रखकर पढ़ें. डॉक्टर कहते हैं, अगर बच्चा सिर्फ तस्वीरें ही देख रहा है, तब भी यह उसके लिए फायदेमंद है. इससे वह नए शब्दों से परिचित होता है, तस्वीरों को समझना सीखता है और धीरे-धीरे बच्चे की कल्पना करने की क्षमता भी बढ़ती है. यह आदत बच्चे में पढ़ने की रुचि भी पैदा करती है.
नंबर 3- अलग-अलग चीजों को छूने और समझने देंबच्चों को अलग-अलग तरह की चीजें छूने, पकड़ने और देखने का मौका दें. अलग-अलग टेक्सचर और शेप्स उनके दिमाग को नई जानकारी देते हैं. जब बच्चा किसी चीज को घुमाता, जोड़ता या तोड़ने की कोशिश करता है, तो वह अपनी गलतियों से सीख रहा होता है. यही प्रोसेस उसकी सोचने और समस्या हल करने की क्षमता को मजबूत बनाता है.
नंबर 4- दो साल तक स्क्रीन से रखें दूरडॉक्टर कहते हैं दो साल की उम्र तक बच्चे को मोबाइल, टीवी या टैबलेट जैसी स्क्रीन से दूर रखें. इस उम्र में बच्चे का दिमाग लोगों से बातचीत, खेल और आसपास के माहौल से सबसे ज्यादा सीखता है. केवल स्क्रीन देखने से वह उतना नहीं सीख पाता, जितना परिवार के साथ समय बिताने से सीखता है.
नंबर 5- प्यार और अपनापन भी है जरूरीरोज बच्चे को गले लगाएं, उसकी आंखों में देखकर मुस्कुराएं और उसके साथ समय बिताएं. इससे बच्चा सुरक्षित और प्यार भरा माहौल महसूस करता है. जब बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है, तो वह नई चीजें सीखने, सवाल पूछने और नई कोशिश करने में ज्यादा आत्मविश्वास दिखाता है.
यह भी पढ़ें- रोज बिस्तर गीला कर देता है बच्चा? Pediatrician ने बताया क्या करें और क्या नहीं, कैसे छूटेगी ये आदत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं