विज्ञापन

रोज बिस्तर गीला कर देता है बच्चा? Pediatrician ने बताया क्या करें और क्या नहीं, कैसे छूटेगी ये आदत

सुबह उठते ही अगर बच्चे का बिस्तर गीला मिले, तो ज्यादातर माता-पिता परेशान हो जाते हैं. कई बार उन्हें लगता है कि कहीं बच्चे को कोई बीमारी तो नहीं है या फिर वह किसी डर की वजह से तो ऐसा नहीं कर रहा है? आइए पीडियाट्रिशियन से जानते हैं क्यों होता है ऐसा और कैसे इस परेशानी को ठीक किया जा सकता है-

रोज बिस्तर गीला कर देता है बच्चा? Pediatrician ने बताया क्या करें और क्या नहीं, कैसे छूटेगी ये आदत
सोते समय क्यों बिस्तर गीला कर देता है बच्चा?
(Photo Credit: NDTV)

कई माता-पिता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनका बच्चा रात में सोते समय बिस्तर गीला कर देता है. अब, कुछ पेरेंट्स को लगता है कि बच्चा जानबूझकर ऐसा कर रहा है, तो कुछ के मन में सवाल होता है कि कहीं बच्चे को कोई बीमारी तो नहीं है या फिर वह किसी डर की वजह से तो ऐसा नहीं कर रहा है? अगर आप भी इन्हीं पेरेंट्स में से एक हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. हाल ही में मशहूर पीडियाट्रिशियन रवि मलिक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. आइए जानते हैं वीडियो में बच्चों के डॉक्टर क्या कहते हैं- 

सोते समय क्यों बिस्तर गीला कर देता है बच्चा? 

पीडियाट्रिशियन बताते हैं, छोटी उम्र में बेड वेटिंग यानी सोते समय पेशाब हो जाना एक सामान्य बात है. ज्यादातर बच्चों में यह अपने आप ठीक हो जाती है. रवि मलिक के अनुसार, अगर बच्चा 5 साल की उम्र तक रात में सोते समय पेशाब कर देता है, तो इसमें घबराने की जरूरत नहीं है. इस उम्र तक बच्चे का नर्वस सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता. यही वजह है कि उसका ब्लैडर यानी मूत्राशय पर पूरा कंट्रोल नहीं बन पाता. जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसका नर्वस सिस्टम मजबूत होता जाता है और ब्लैडर को कंट्रोल करने की क्षमता भी बढ़ती है. इसी कारण अधिकतर बच्चों की यह आदत समय के साथ अपने आप छूट जाती है.

क्या डर की वजह से बेड वेटिंग करता है बच्चा?

अक्सर माता-पिता सोचते हैं कि अगर बच्चा दिन में कोई डरावनी फिल्म देख ले, किसी बात से घबरा जाए या किसी तनाव में हो, तो वह रात में बिस्तर गीला करने लगता है. लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं होता. 5 साल तक बेड वेटिंग का सबसे बड़ा कारण बच्चे के शरीर का सामान्य विकास होता है, न कि डर. यानी अगर आपके बच्चे की उम्र 5 साल या इससे कम है, तो इस उम्र तक ऐसा होना एकदम नॉर्मल है. इसलिए इस बात को लेकर बेवजह चिंता करने की जरूरत नहीं है.

पेरेंट्स को क्या नहीं करना चाहिए?

डॉक्टरों के मुताबिक, करीब 90 प्रतिशत बच्चे 6 साल की उम्र तक बिना किसी दवा, इलाज या खास उपाय के खुद ही इस आदत से बाहर आ जाते हैं. लेकिन अगर बच्चे को हर बार डांटा जाए, उसकी तुलना दूसरे बच्चों से की जाए या उसे शर्मिंदा किया जाए, तो उसका आत्मविश्वास कम हो सकता है. इस वजह से कई बच्चे गीली चादर छिपाने लगते हैं, रात में सोने से डरने लगते हैं और तनाव महसूस करते हैं. यह तनाव उनकी समस्या को और लंबा खींच सकता है. इसलिए अगर आपका बच्चा बेड वेटिंग करता है, तो उसे बार-बार डांट या शर्मिंदा न करें. बच्चे को समझाएं कि ऐसा होना नॉर्मल है. बेड वेटिंग कोई बुरी आदत या बच्चे की गलती नहीं है. यह उसके शरीर के विकास से जुड़ी एक सामान्य स्थिति है. हर बार गुस्सा करने या सजा देने के बजाय बच्चे को प्यार से समझाएं, बिना कुछ कहे बिस्तर बदल दें और उसे भरोसा दिलाएं कि वह जल्द ही इस परेशानी से बाहर आ जाएगा. माता-पिता का धैर्य और सहयोग ही बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाता है और इस आदत को छोड़ने में सबसे ज्यादा मदद करता है.

कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह?

डॉक्टर रवि मलिक कहते हैं, अगर बच्चा 5 साल की उम्र के बाद भी लगातार रात में बिस्तर गीला कर रहा है, तो एक पीडियाट्रिशियन से जरूर मिलें. डॉक्टर बच्चे की जांच करके कारण समझते हैं और जरूरत पड़ने पर आसान और असरदार इलाज बताते हैं. 

यह भी पढ़ें- छिदवाने हैं बेबी के कान? पैरेंटिंग एक्सपर्ट ने बताया किन बातों का रखें ध्यान

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Parenting Tips, Lifestyle News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com