घर की बालकनी या छत पर हरा-भरा मेहंदी का पौधा हो तो जरूरत पड़ने पर उसकी ताजी पत्तियों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. लेकिन कई बार गमले में लगाने के कुछ दिनों बाद ही पौधे की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और उसकी ग्रोथ रुक जाती है. इसकी वजह गलत मिट्टी, जरूरत से ज्यादा पानी या पर्याप्त धूप न मिलना हो सकता है. अगर आप भी घर पर मेहंदी का पौधा उगाना चाहते हैं तो गमले के चुनाव से लेकर उसकी कटाई-छंटाई तक कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. आइए जानते हैं मेहंदी के पौधे की देखभाल के 5 आसान तरीके.
मेहंदी के लिए कैसी होनी चाहिए मिट्टी?
जानकारी के अनुसार, मेहंदी का पौधा लगाने के लिए ऐसा गमला चुनें जिसमें पानी निकलने के लिए नीचे छेद हों. शुरुआत में करीब 12 से 14 इंच का गमला इस्तेमााल किया जाता है. मिट्टी ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पानी जमा न हो और जड़ों को फैलने की जगह मिले. इसके लिए बगीचे की मिट्टी में थोड़ी रेत और अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद मिला सकते हैं. ध्यान रखें कि मिट्टी बहुत ज्यादा भारी न हो. मेहंदी के पौधे की अच्छीी ग्रोथ के लिए धूप जरूरी है. गमले को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना करीब 5 से 6 घंटे धूप मिल सके. हालांकि, अगर पौधा लंबे समय से छाया में है तो उसे अचानक तेज धूप में रखने के बजााय धीरे-धीरे धूप की आदत डालें.
पौधे को घना बनाने के लिए करें पिंचिंग
अगर मेहंदी का पौधा लंबा तो हो रहा है, लेकिन उसमें शाखाएं कम निकल रही हैं तो उसकी हल्की कटाई-छंटाई मददगार हो सकती है. पौधा थोड़ा बड़ाा होने पर ऊपर की कोमल टहनियों को सावधानी से काटें. इससे साइड से नई शाखाएंए निकलने में मदद मिल सकती है. साफ कैंची का इस्तेमाल करें और एक बार में बहुत ज्यादा टहनियां न कााटें. मेहंदी के पौधेे को बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं होती है. पानी डालने से पहले गमले की ऊपरी 1 से 2 इंच मिट्टी जांच लें. अगर मिट्टी सूखी लगे तो पानी दें. बारिश और सर्दियों में पानी की जरूरत कम हो सकती है. गममले में पानी जमा रहने से जड़ें सड़ सकती हैं और पत्तियां पीली पड़ सकती हैं.
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खाद और कीटों का रखें ध्यान
इसके अलावा, पौधे की बढ़त के लिए थोड़ी मात्रा में अच्छी तरह सड़ी जैविक खाद इस्तेमाल कर सकते हैं. खाद कितनी बाार देनी है, यह पौधे की स्थिति और मिट्टी पर निर्भर करता है. पत्तियों पर कीड़े दिखें तो पहले उनकी पहचाान करें. नीम का तेल इस्तेमाल करने से पहले उसके लेबल पर दिए निर्देशों का पालन करें और पौधे की कुछ पत्तियों पर परीक्षण करर लें.
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