विज्ञापन

होंठों के आसपास का कालापन कैसे दूर करें? स्किन की डॉक्टर ने बताई क्यों डार्क पड़ जाती है मुंह के पास की स्किन

How to get rid of hyperpigmentation around the mouth: डर्मेटोलॉजिस्ट प्रियंका रेड्डी ने मुंह के पास की स्किन के डार्क पड़ने का कारण और इस समस्या से निजात पाने का तरीका बताया है. आइए जानते हैं इस बारे में-

होंठों के आसपास का कालापन कैसे दूर करें? स्किन की डॉक्टर ने बताई क्यों डार्क पड़ जाती है मुंह के पास की स्किन
होंठों के आसपास का कालापन कैसे दूर करें?

How to get rid of hyperpigmentation around the mouth: कई लोगों की शिकायत होती है कि उनके होंठों के आसपास की त्वचा अचानक डार्क पड़ने लगी है. इससे स्किन का ये हिस्सा अलग नजर आता है. कई बार मेकअप के बाद भी ये डार्कनेस छिप नहीं पाती है. इस विषय पर फेमस डर्मेटोलॉजिस्ट प्रियंका रेड्डी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में डॉक्टर ने मुंह के पास की स्किन के डार्क पड़ने का कारण और इस समस्या से निजात पाने का तरीका बताया है. आइए जानते हैं इस बारे में- 

खांसने या छींकने पर यूरिन लीक हो जाता है? रोज बस 10 मिनट कर लें ये योगासन, दूर हो जाएगी दिक्कत

होंठों के आसपास स्किन डार्क होने के कारण

हार्मोनल असंतुलन

डर्मेटोलॉजिस्ट बताती हैं, हार्मोन बिगड़ने से स्किन पर पिगमेंटेशन बढ़ सकती है. खासकर PCOS और इंसुलिन रेजिस्टेंस से जूझ रहे लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है.

एलर्जी और एक्जिमा

बार-बार खुजली, रैश या एलर्जी होने से स्किन में इंफ्लेमेशन आती है, जिससे बाद कालापन रह सकता है.

विटामिन की कमी

विटामिन B12, B9, B3 और विटामिन D की कमी से स्किन डल और डार्क दिखने लगती है, खासकर मुंह के आसपास.

घर्षण 

इसके पीछे घर्षण भी एक कारण हो सकता है. जैसे- मास्क पहनने से बार-बार स्किन रगड़ खाती है, जिससे पिगमेंटेशन ट्रिगर हो सकती है. इसके अलावा बार-बार मुंह को रगड़ना या हार्श स्क्रब इस्तेमाल करना भी नुकसानदेह होता है.

धूप में ज्यादा रहना

सन एक्सपोजर भी मुंह के आसपास मेलानिन बढ़ाने लगता है, जिससे ये हिस्सा बाकी जगहों की तुलना में ज्यादा डार्क नजर आने लगता है. 

होंठों के आसपास का कालापन कैसे दूर करें?

सही स्किन केयर प्रोडक्ट चुनें

सबसे पहले डर्मेटोलॉजिस्ट ऐसे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं, जिनमें आर्बुटिन (Arbutin), कोजिक एसिड (Kojic Acid), ट्रेनेक्सैमिक एसिड (Tranexamic Acid) और नियासिनमाइड (Niacinamide) जैसे डि-पिगमेंटिंग इंग्रेडिएंट्स हों. ये स्किन टोन को धीरे-धीरे हल्का करने में मदद करते हैं.

माइल्ड एक्सफोलिएशन 

माइल्ड एक्सफोलिएंट्स स्किन की डेड सेल्स हटाते हैं, जिससे नई और हेल्दी स्किन बाहर आती है. हालांकि, हफ्ते में 1-2 बार से ज्यादा स्किन को एक्सफोलिएट न करें.

मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन जरूरी

इन सब से अलग डर्मेटोलॉजिस्ट बताती हैं, डार्क स्किन को ठीक करने के लिए स्किन का हाइड्रेटेड रहना बहुत जरूरी है. साथ ही बाहर निकलते समय SPF वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं, वरना पिगमेंटेशन और बढ़ सकती है.

कब डॉक्टर से इलाज जरूरी है?

अगर होंठों के आसपास का कालापन बहुत ज्यादा है और घरेलू नुस्खे या स्किन केयर प्रोडक्ट्स से फर्क नहीं पड़ रहा है, तो क्लिनिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है. डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, Chemical Peel, Skin Boosters और PDRN जैसे ट्रीटमेंट स्किन को हेल्दी बनाने और पिगमेंटेशन कम करने में मदद करते हैं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com