शिशु के लिए मां का दूध बेहद जरूरी होता है. ये बात अधिकतर लोग जानते हैं. मां के दूध में बच्चे के लिए तमाम जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर्स जन्म के 6 महीने तक बच्चे को केवल मां का दूध पिलाने की ही सलाह देते हैं. लेकिन स्तनपान कराना नई मां के लिए एक नया अनुभव होता है और ज्यादातर मामलों में मां के लिए इसकी शुरुआत हमेशा आसान नहीं होती. मशहूर टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने हाल में दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है. इसी कड़ी में एक्ट्रेस ने अपने Breastfeeding के अनुभव के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि बच्चे को दूध पिलाने का सफर हमेशा आसान नहीं होता और नई मां को इस दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
दिव्यांका ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है. अपने इस वीडियो में एक्ट्रेस बताती हैं, बच्चे के जन्म के बाद मां को कई नई चीजें सीखनी पड़ती हैं. जैसे बच्चे को सही तरीके से दूध पिलाना, उसका सही Latch समझना या ये जानना कि बच्चा सही तरीके से और पर्याप्त दूध पी रहा है या नहीं. इन सबमें समय लग सकता है और इस दौरान मां को भी कई दिक्कतों से जूझना पड़ता है.
बच्चे के साथ मां का शरीर भी बदलता है
दिव्यांका कहती हैं, जब बच्चे के दूध पीने का समय होता है या बच्चा रोता है तो मां के शरीर को भी इसका संकेत मिलने लगता है. कई बार अपने आप दूध लीक होने लगता है. अब घर पर ऐसा होना नॉर्मल है, लेकिन घर से बाहर या किसी दूसरे व्यक्ति के सामने ऐसी कंडीशन हो जाए, तो मां असहज हो सकती है.
एक्ट्रेस नई मां को सलाह देते हुए कहती हैं, पैरेंटिंग के शुरुआती दिनों में आपको ऐसी चीजों के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए. Breast Pads या दूसरे जरूरी सामान साथ रखने से बाहर निकलते समय परेशानी कम हो सकती है.
कभी-कभी फीड मिस होने पर हो सकता है दर्दनई मां के लिए बच्चे की फीड का समय समझना भी शुरुआत में आसान नहीं होता. मां किसी दूसरे काम में बिजी हो, तो कभी-कभी बच्चे की एक-दो फीड मिस हो सकती हैं. दिव्यांका ने बताया कि उनके साथ भी ऐसा होता है. एक्ट्रेस कहती हैं, उनके घर जब मेहमान आते थे और वह उनकी देखभाल में व्यस्त हो जाती थीं, तो कभी-कभी बच्चों की फीड छूट जाती थी. इसके बाद उन्हें काफी दर्द होता था. तब उन्हें समझ आया कि नई मां को अपनी जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बच्चे की देखभाल जरूरी है, लेकिन मां की सेहत और आराम भी उतना ही जरूरी है.
मदद मांगने से शर्माएं नहींदिव्यांका नई मां को सलाह देते हुए कहती हैं कि मां और बच्चा दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे को समझते हैं. शुरुआत में बच्चे का सही तरीके से Latch न कर पाना या मां को परेशानी होना आम बात हो सकती है. ऐसे समय में घबराने या खुद को दोष देने के बजाय मदद लेना बेहतर है. अगर स्तनपान में परेशानी हो रही है, तो डॉक्टर या Lactation Consultant से सलाह ली जा सकती है.
दूसरों से तुलना भी सही नहींइन सब से अलग एक्ट्रेस कहती हैं, बच्चे के जन्म के बाद नई मां अक्सर खुद की तुलना दूसरी मांओं से करने लगती हैं. सोशल मीडिया या आसपास की दूसरी महिलाओं को देखकर उन्हें लग सकता है कि दूसरों को सब कुछ पता है, लेकिन उन्हें खुद कुछ नहीं आता.
दिव्यांका ने बताया कि उन्हें भी शुरुआत में ऐसा महसूस हुआ था. उन्हें लगता था कि दूसरी मांओं को ब्रेस्टफीडिंग के बारे में सब पता है. फिर धीरे-धीरे उन्हें समझ आया कि हर मां और हर बच्चे का अनुभव अलग होता है. किसी बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग जल्दी समझ आ सकती है, जबकि कुछ को समय लग सकता है. किसी मां के लिए शुरुआत आसान हो सकती है, तो किसी को कई दिनों तक परेशानी हो सकती है. इसलिए दूसरी मांओं से तुलना करने के बजाय अपने बच्चे और अपनी जरूरतों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.
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