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ज्यादातर रहता है पेट खराब? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताया डाइट और लाइफस्टाइल में कर लें ये बदलाव, सही हो जाएगा डायजेशन

Lifestyle and Diet Changes for Good Digestion: आज हम आपको डाइट और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपका डायजेशन एकदम सही रहे.

ज्यादातर रहता है पेट खराब? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताया डाइट और लाइफस्टाइल में कर लें ये बदलाव, सही हो जाएगा डायजेशन
अच्छे डायजेशन के लिए क्या करें?
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How to Improve Digestion: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पाचन से जुड़ी समस्याएं आम होती जा रही हैं. गैस, अपच, एसिडिटी, कब्ज और पेट में जलन जैसी परेशानियां अब केवल उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रहीं. डॉक्टरों के अनुसार, इन समस्याओं की सबसे बड़ी वजह अनियमित खानपान और गलत लाइफस्टाइल है. अच्छी बात यह है कि सही आदतें अपनाकर कई पाचन समस्याओं से बचाव किया जा सकता है. इसी कड़ी में आज हम आपको डाइट और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आपका डायजेशन एकदम सही रहे. इसकी बात की जानकारी मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सीनियर डायरेक्टर- गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टर सुभाशिष मजूमदार ने दी है.

पाचन तंत्र को समझें

पाचन तंत्र केवल खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि शरीर की इम्यूनिटी, ऊर्जा स्तर और मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा होता है. जब हम लगातार जंक फूड, ज्यादा मसालेदार या तला-भुना भोजन करते हैं, तो आंतों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है. इससे शरीर में सूजन बढ़ती है और धीरे-धीरे पाचन संबंधी रोग विकसित हो सकते हैं.

बैलेंस्ड डाइट है जरूरी

गैसएंटरोलॉजिस्ट की सलाह है कि रोज के भोजन में फाइबर, प्रोटीन और अच्छे फैट का संतुलन होना चाहिए. साबुत अनाज, फल, सब्जियां, दालें और दही जैसे प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ आंतों के लिए लाभकारी होते हैं. फाइबर कब्ज से बचाता है और आंतों की सफाई में मदद करता है. वहीं, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड और मीठे पेय पदार्थ पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

खाने का सही समय और तरीका

कई लोग यह भूल जाते हैं कि क्या खाते हैं, उससे ज्यादा जरूरी है कि कैसे और कब खाते हैं. जल्दी-जल्दी खाना, देर रात भारी भोजन करना या लंबे समय तक भूखे रहना पाचन पर बुरा असर डालता है. डॉक्टर बताते हैं कि भोजन को अच्छी तरह चबाकर, शांत मन से और निश्चित समय पर खाना पाचन को बेहतर बनाता है.

लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव, बड़ा असर

शारीरिक गतिविधि पाचन स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है. रोजाना टहलना, योग या हल्का व्यायाम आंतों की गति को सही रखता है. इसके अलावा, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी पाचन रोगों से बचाव में अहम भूमिका निभाते हैं. लंबे समय तक तनाव में रहने से एसिडिटी और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

पानी और आदतों का महत्व

पर्याप्त पानी पीना पाचन तंत्र को एक्टिव रखता है और कब्ज से बचाता है. साथ ही, धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन पाचन तंत्र के लिए हानिकारक है. डॉक्टर सलाह देते हैं कि इन आदतों से दूरी बनाना पाचन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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