Nizamuddin Railway Station Skywalk: दिल्ली जैसे व्यस्त महानगर में हर दिन लाखों लोग एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक भागते-दौड़ते नजर आते हैं. ट्रैफिक, भीड़ और समय की कमी के बीच यात्रा कई बार थका देने वाली हो जाती है. लेकिन, अब राजधानी में सफर का अनुभव बदलने जा रहा है. नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एनसीआरटीसी) ने सराय काले खां नमो भारत स्टेशन को सीधे हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जोड़ने के लिए 280 मीटर लंबा स्काई वॉक तैयार कर लिया है. खास बात यह है कि यात्रियों को अब एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक जाने के लिए बाहर सड़क पर नहीं निकलना पड़ेगा.
अब नमो भारत ट्रेन से उतरकर सीधे रेलवे स्टेशन तक पहुंचा जा सकेगा, बिना ट्रैफिक या सड़क पार करने की परेशानी के. यह सुविधा खासकर उन यात्रियों के लिए राहत भरी होगी, जिन्हें लंबी दूरी की ट्रेन पकड़नी होती है. यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि शहरी यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
क्या है यह नया स्काई वॉक?
यह 280 मीटर लंबा पैदल मार्ग दोनों स्टेशनों को सीधे जोड़ता है. अब जो यात्री नमो भारत ट्रेन से उतरकर हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाना चाहते हैं, उन्हें ऑटो, सड़क पार करने या भीड़भाड़ से गुजरने की जरूरत नहीं होगी. यह कनेक्टिविटी खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है, जो लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने के लिए समय के खिलाफ दौड़ते हैं.
ये भी पढ़ें: यहां है दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर, विराजते हैं महादेव, ऐसे कर सकते हैं दर्शन
यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?
- समय की बचत - स्टेशन से बाहर निकलने और ट्रैफिक से जूझने की जरूरत नहीं.
- सुरक्षित आवागमन - सड़क पार करने का जोखिम खत्म.
- सीधा ट्रांसफर - नमो भारत से उतरकर सीधे रेलवे स्टेशन तक पहुंच.
- भीड़ प्रबंधन में मदद - यात्रियों का व्यवस्थित प्रवाह.
- मौसम से राहत - धूप, बारिश या प्रदूषण से बचाव.

भारत के 3 बड़े और चर्चित स्काई वॉक | 3 big and famous sky walks in India
दिल्ली का यह स्काई वॉक भले नया हो, लेकिन देश के अन्य शहरों में भी ऐसे आधुनिक पैदल पुल बनाए गए हैं, जिन्होंने शहरी आवागमन को आसान बनाया है।
1. बांद्रा स्काईवॉक मुंबई
मुंबई का बांद्रा स्काई वॉक देश के सबसे प्रसिद्ध पैदल पुलों में से एक है. इसकी लंबाई लगभग 1.3 किलोमीटर है. ये बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर भीड़ और ट्रैफिक को कम करने के लिए बनाया गया है. इसकी खासियत है कि इसकी बाजार और बस स्टॉप तक सीधी पहुंच है. यह स्काई वॉक रोज हजारों यात्रियों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराता है.
2. केम्पेगौड़ा स्काईवॉक बेंगलुरु
बेंगलुरु में केम्पेगौड़ा बस स्टैंड और मेट्रो स्टेशन के पास बना स्काई वॉक यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है. ये बस और मेट्रो यात्रियों को सुरक्षित जोड़ता है. ये ट्रैफिक जाम से बचाव और आसान आवागमन बनाता है. आईटी सिटी में यह सुविधा रोजमर्रा की भागदौड़ को कम करती है.
3. न्यू टाउन इको पार्क स्काईवॉक, कोलकाता
कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में बना स्काई वॉक आधुनिक डिजाइन और पर्यटन आकर्षण के लिए जाना जाता है. ये कांच और स्टील से बना आकर्षक ढांचा है, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित पैदल मार्ग है. शाम के समय रोशनी में बेहद सुंदर दृश्य.
नमो भारत परियोजना:
नमो भारत ट्रेन (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) का उद्देश्य दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक कनेक्टिविटी देना है. सराय काले खां स्टेशन इस परियोजना का एक प्रमुख केंद्र है. अब जब यह स्टेशन सीधे हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से जुड़ गया है, तो दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट का बेहतर अनुभव मिलेगा. यह स्काई वॉक सिर्फ यात्रियों की सुविधा नहीं, बल्कि स्मार्ट सिटी प्लानिंग का उदाहरण भी है. बड़े शहरों में अलग-अलग परिवहन साधनों को जोड़ना ही भविष्य की जरूरत है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं