जून का महीना आधा बीत चुका है और देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून की बौछारें शुरू हो गई हैं. तपती गर्मी से राहत का यह मौसम अपने साथ एक ऐसी मुसीबत भी लाता है, जो हर मकान मालिक का सिरदर्द बन जाती है, वह है दीवारों पर आने वाली सीलन (Dampness) और पपड़ी.
शुरुआत में यह सीलन सिर्फ एक छोटा सा गीला धब्बा दिखती है, लेकिन देखते ही देखते यह पूरे घर के लुक को खराब कर देती है. इतना ही नहीं, सीलन की वजह से पैदा होने वाली फंगस और मोल्ड (Black Mold) घर की हवा को जहरीला बना देते हैं. नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरमेंटल हेल्थ साइंसेज (NIEHS) की एक रिपोर्ट के अनुसार, घर के अंदर मौजूद मोल्ड और अत्यधिक नमी के कारण बच्चों में अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा 40% तक बढ़ जाता है.
Silan se bachne ke liye kya karen: अगर आपके घर की दीवारों पर भी पेंट उखड़ने लगा है या सीलन की गंदी बदबू आ रही है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए. सिविल इंजीनियर्स और सोशल मीडिया (Reddit) पर होम इम्प्रूवमेंट कम्युनिटीज के सुझावों के आधार पर हम आपके लिए 5 ऐसे असरदार उपाय लेकर आए हैं, जो इस मानसून आपके घर को सुरक्षित रखेंगे.
बारिश में दीवारों पर आ गई सीलन? ये 5 आसान उपाय न अपनाए तो घर हो जाएगा खराब
1. दरारों को भरें (Cracks Filling)
सीलन आने की सबसे बड़ी वजह होती है बाहरी दीवारों पर आई छोटी-छोटी दरारें. बारिश का पानी इन दरारों से रिसकर अंदर की दीवारों तक पहुंच जाता है.
क्या करें: मानसून के ठीक होने से पहले या बारिश के रुकते ही बाहरी दीवारों (Exterior Walls) का मुआयना करें. अगर कहीं भी दरार दिखे, तो उसे 'क्रैक फिलर' (Crack Filler) या व्हाइट सीमेंट से अच्छी तरह ब्लॉक कर दें.
एक्सपर्ट राय: सिविल इंजीनियरिंग डेटा के अनुसार, भारत में लगभग 65% घरों में अंदरूनी सीलन बाहरी दीवारों की सही समय पर मरम्मत न होने के कारण होती है.
2. वॉटरप्रूफिंग कोटिंग (Waterproofing)
अगर पेंट पहले ही उखड़ चुका है, तो सिर्फ नया पेंट करा लेने से काम नहीं चलेगा. जब तक आप दीवार की अंदरूनी नमी का इलाज नहीं करेंगे, सीलन वापस आती रहेगी.
क्या करें: प्रभावित हिस्से के पेंट और पुट्टी को स्क्रैपर से पूरी तरह हटा दें. दीवार को सूखने दें और फिर उस पर एक अच्छी कंपनी का वॉटरप्रूफिंग प्राइमर या डैम्प-प्रूफ लिक्विड लगाएं. इसके कम से कम दो कोट लगाएं. यह दीवार के ऊपर एक सुरक्षा कवच (Water Barrier) बना देता है, जिससे पानी अंदर नहीं आ पाता.
| दीवारों की सीलन रोकने के 5 आसान उपाय: |
|---|
| दरारें तुरंत भरें |
| वॉटरप्रूफिंग कोटिंग लगाएं |
| वेंटिलेशन बनाए रखें |
| फंगस साफ करें |
| डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें |
3. वेंटिलेशन और एक्जॉस्ट फैन का सही इस्तेमाल
अक्सर हम सोचते हैं कि सीलन सिर्फ बाहर के पानी से आती है, लेकिन ऐसा नहीं है. घर के अंदर की नमी (Humidity) भी दीवारों को खराब करती है. खाना बनाते समय उठने वाली भाप और नहाने के बाद बाथरूम में रुकी नमी दीवारों पर जम जाती है.
डेटा क्या कहता है: एक स्टडी के मुताबिक, चार लोगों का एक सामान्य परिवार रोजमर्रा के कामों (खाना पकाना, नहाना, कपड़े सुखाना) से घर के अंदर लगभग 10 से 15 लीटर पानी भाप के रूप में हवा में छोड़ता है.
क्या करें: किचन और बाथरूम में एक्जॉस्ट फैन जरूर चलाएं. जब बारिश थमे, तो घर की खिड़कियां खोलें ताकि ताजी हवा आ सके और अंदर की नमी बाहर निकल जाए.
4. ब्लीच और सिरके से फंगस का खात्मा
रेडिट (Reddit) के `r/HomeImprovement` और `r/CleaningTips` सबरेडिट्स पर हजारों मकान मालिकों ने मोल्ड और फंगस से निपटने का सबसे कारगर और सस्ता घरेलू नुस्खा शेयर किया है. सीलन वाली जगह पर जो काली-हरी फंगस जमती है, वह दीवार के प्लास्टर को खोखला कर देती है.
क्या करें: एक स्प्रे बोतल में बराबर मात्रा में सफेद सिरका (White Vinegar) और पानी मिलाएं. इसे प्रभावित दीवार पर स्प्रे करें और 1 घंटे के लिए छोड़ दें. इसके बाद स्क्रबिंग ब्रश से साफ कर लें. यदि फंगस ज्यादा है, तो आप लिक्विड ब्लीच का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. यह फंगस को जड़ से खत्म कर देता है.
| ध्यान दें: |
|---|
| - सीलन को नजरअंदाज करने से दीवारें कमजोर हो सकती हैं |
| - फंगस से सांस और एलर्जी की समस्या बढ़ती है |
5. सिलिका जेल और डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier)
अगर आपके घर के किसी खास कमरे या अलमारी में वेंटिलेशन की बहुत कमी है और वहां हमेशा सीलन की बदबू आती है, तो आपको टेक्नोलॉजी की मदद लेनी चाहिए.
क्या करें: अलमारियों और बंद कोनों में सिलिका जेल के पाउच या चारकोल (कोयला) के टुकड़े रखें, जो हवा की नमी को सोख लेते हैं. अगर बजट इजाजत दे, तो आप एक छोटा 'डीह्यूमिडिफायर' (Dehumidifier) खरीद सकते हैं. यह मशीन कमरे की हवा से अतिरिक्त नमी को खींच लेती है, जिससे दीवारें सूखी रहती हैं.
काम की बात :
घर सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं होता, बल्कि हमारी गाढ़ी कमाई का निवेश होता है. स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स का मानना है कि लंबे समय तक रहने वाली सीलन कंक्रीट के अंदर मौजूद लोहे (Rebars) में जंग लगा देती है, जिससे मकान की उम्र और मजबूती काफी कम हो जाती है. इसलिए, इस मानसून इन 5 उपायों को अपनाएं और अपने आशियाने को सीलन से बचाएं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं