विज्ञापन

ये दवा नहीं मां का आश‍िर्वाद है, जबसे द‍िल्‍ली आया हूं एंटी बायोट‍िक खा-खाकर परेशान हूं, मेरे पहाड़ों का चोरू हर लेता था हर दर्द

Choru Benefits: चोरू एक चमत्कारी पौधा है, जो हिमालय के ऊंचे क्षेत्रों लगभग 2000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर पाया जाता है. यह पौधा अपनी जड़, पत्तियों और फूलों तीनों के लिए जाना जाता है.

ये दवा नहीं मां का आश‍िर्वाद है, जबसे द‍िल्‍ली आया हूं एंटी बायोट‍िक खा-खाकर परेशान हूं, मेरे पहाड़ों का चोरू हर लेता था हर दर्द
Choru Benefits: पेट के लिए बहुत फायदेमंद है चोरू.

मेरा बचपन हिमालय की ठंडी हवाओं, देवदार के पेड़ों और मिट्टी की सोंधी खुशबू के बीच बीता है. वहां दवा की दुकानें कम थीं, लेकिन प्रकृति की गोद में हर बीमारी का इलाज मौजूद था. जब भी मुझे पेट दर्द होता, अपच, गैस या मरोड़ उठती, मां तुरंत एक छोटी सी जड़ी-बूटी निकालती लेती थी चोरू. मां चोरू को सिलबट्टे पर पीसती, उसमें थोड़ा जीरा और हींग मिलाती और मुझे दे देती. स्वाद भले ही कड़वा होता, लेकिन असर जादू जैसा. कुछ ही देर में पेट हल्का हो जाता और मैं फिर से दोस्तों के साथ खेलने निकल पड़ता. बचपन में मुझे लगता था कि मां के पास कोई जादू है, लेकिन आज समझ आता है कि वो जादू दरअसल हिमालय की जड़ी-बूटियों का था.

आज मैं दिल्ली में नौकरी करता हूं. यहां पेट दर्द होने पर मैं मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक ले आता हूं. लेकिन हर गोली के साथ मुझे मां की वो छोटी सी कटोरी याद आती है, जिसमें चोरू का पाउडर होता था. फर्क सिर्फ इतना है कि तब नेचुरल दवा के साथ मां का स्नेह भी मिलता था और अब सिर्फ दवा मिलती है.

क्या है चोरू? | What is Choru?

चोरू एक चमत्कारी पौधा है, जो हिमालय के ऊंचे क्षेत्रों लगभग 2000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई पर पाया जाता है. यह पौधा अपनी जड़, पत्तियों और फूलों तीनों के लिए जाना जाता है. खास बात यह है कि इसकी जड़ में एंटीबैक्टीरियल और एंटीहेलमेंथिक गुण पाए जाते हैं, यानी यह बैक्टीरिया और पेट के कीड़ों से लड़ने में सक्षम है.

उत्तराखंड के कई पहाड़ी इलाकों में रहने वाले स्थानीय समुदाय जैसे भोटिया, मारछा और बोक्सा जनजाति के लोग इसकी खेती भी करते हैं. इसकी जड़ों को सुखाकर मसाले की तरह इस्तेमाल किया जाता है. पहाड़ों में यह सिर्फ एक जड़ी-बूटी नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है.

Latest and Breaking News on NDTV

चोरू पेट के लिए रामबाण क्यों? | Benefits of Choru

मेरे अनुभव से कहूं तो पेट से जुड़ी शायद ही कोई समस्या हो, जिसमें चोरू काम न आया हो. इस पौधे की जड़ों में कार्बोनेटिक, एंटी हेलमेट्रिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल प्रॉपर्टी पाई जाती है. इसलिए कई रोगों से निपटने में इसकी जड़ों का प्रयोग किया जाता है.

  • पेट दर्द और मरोड़: चोरू का लेप पेट की क्रैम्प्स को शांत करता है.
  • अपच और गैस: जीरा और हींग के साथ मिलाकर लेने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है.
  • पेट के कीड़े: इसकी एंटीहेलमेंथिक प्रॉपर्टी कीड़ों को खत्म करने में मदद करती है.
  • दस्त और पेट खराब: यह आंतों को मजबूत बनाता है और संक्रमण से बचाता है.

सिर्फ पेट ही नहीं, पहाड़ों में सर्दी-जुकाम जैसी छोटी समस्याओं में भी इसका उपयोग किया जाता है. इसकी पत्तियों और फूलों का काढ़ा बनाकर भी सेवन किया जाता है.

चोरू की जड़ से फूल तक फायदेमंद:

चोरू की खासियत यह है कि इसका हर हिस्सा औषधीय है. जड़ मसाले और औषधि दोनों रूप में उपयोगी. पत्तियां काढ़ा बनाने में सहायक. फूल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार. आज जब मैं शहर की भागदौड़ में फंसा हूं, तो महसूस करता हूं कि मॉडर्न दवाइयों ने हमें तुरंत राहत देना सिखा दिया है, लेकिन प्रकृति ने हमें स्थायी समाधान दिया था.

मेरे लिए चोरू सिर्फ एक जड़ी-बूटी नहीं, बल्कि बचपन की याद है, मां की ममता है और पहाड़ों की मिट्टी की खुशबू है. शायद इसी लिए मैं मानता हूं हिमालय में उगने वाला यह चमत्कारी पौधा सच में दवाइयों का राजा है, जो पेट समेत कई बीमारियों के लिए रामबाण साबित होता है.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com