Air Conditioner Side Effects: गर्मियों का मौसम आ चुका है. कुछ लोग अब एसी चलाना भी शुरू कर चुके हैं. आज के समय में एयर कंडीशनर (AC) हमारी सुविधा का अहम हिस्सा बन चुका है. घर हो या ऑफिस, गर्मी से राहत पाने के लिए लोग घंटों AC में समय बिताते हैं. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि यही ठंडी हवा आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है? हाल ही में हुई एक स्टडी में पाया गया कि जो लोग रोजाना 6 से 8 घंटे AC में रहते हैं, उनमें सिक बिल्डिंग सिंड्रोम (SBS) के लक्षण ज्यादा देखने को मिलते हैं. यह समस्या खासतौर पर उन इमारतों में होती है जहां नेचुरल एयर फ्लो कम होता है. ऐसे में शरीर में कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं. आइए जानते हैं बहुत ज्यादा देर तक एसी में रहने से शरीर पर क्या नुकसान हो सकते हैं.
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एसी में रहने से शरीर पर होने वाले साइडइफेक्ट्स | Side Effects of Staying in an AC Environment
1. सांस से जुड़ी बीमारियां (Respiratory Problems)
AC में लंबे समय तक रहने से हवा सूखी हो जाती है, जिससे नाक और गले में सूखापन, खांसी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. स्टडी में पाया गया कि AC इस्तेमाल करने वालों की फेफड़ों की कार्यक्षमता (FVC, FEV1) कम हो जाती है.
2. एलर्जी और साइनस की समस्या (Allergy and Sinus Problems)
AC के फिल्टर में धूल और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं. अगर समय पर सफाई न हो, तो ये एलर्जी, छींक, नाक बहना और साइनस की समस्या को बढ़ा सकते हैं.

3. सिरदर्द और थकान (Sick Building Syndrome)
एसबीएस (SBS) के कारण लोगों को लगातार सिरदर्द, चक्कर और थकान महसूस होती है. यह समस्या AC ऑफिस में काम करने वालों में ज्यादा देखी गई.
4. आंखों और त्वचा की समस्या (Eye and Skin Problems)
AC की ठंडी और सूखी हवा आंखों में जलन, सूखापन और त्वचा को रूखा बना सकती है. इससे स्किन की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है.
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5. इम्यूनिटी कमजोर होना (Weakened Immunity)
लगातार AC में रहने से शरीर बाहरी तापमान के अनुसार खुद को एडजस्ट नहीं कर पाता, जिससे इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है और बार-बार बीमार पड़ने का खतरा बढ़ता है.
स्टडी क्या कहती है?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ पब्लिक में छपी एक रिसर्च में 18 से 45 की उम्र के 200 हेल्दी, धूम्रपान न करने वाले एडल्ट्स को शामिल किया गया, जो 2 सालों से ज्यादा समय से रोज कम से कम 6 से 8 घंटे AC का उपयोग कर रहे थे, और अन्य 200 हेल्दी एडल्ट्स समान एज ग्रुप के लोगों को शामिल किया गया, जिनका वर्क पैटर्न भी वैसा ही था, लेकिन जो AC का बिल्कुल भी उपयोग नहीं करते थे. AC के उपयोग और सिक बिल्डिंग सिंड्रोम से संबंधित न्यूरोलॉजिकल लक्षणों, श्वसन संबंधी लक्षणों, तथा त्वचा से जुड़ी असुविधाओं के बारे में बुनियादी जानकारी ली गई.
पहले ग्रुप के पुरुषों में हेल्थ प्रोब्लम्स ग्रुप सेकंड ग्रुप के पुरुषों की तुलना में ज्यादा थी, और ग्रुप 1 के पुरुषों में ये लक्षण महिलाओं की तुलना में काफी ज्यादा थे. स्टडी में देखा गया कि सिक बिल्डिंग सिंड्रोम (SBS) के लक्षण दिखने की वजह से ग्रुप 1 के प्रतिभागी बीमारी के कारण काम करने में कंफर्टेबल नहीं हो पाए.
स्टडी में जिन लोगों को शामिल किया गया, वे ऑफिस बिल्डिंग में 6-8 घंटे रोज AC में काम करते थे. इन बिल्डिंग्स में नेचुरल वेंटिलेशन (खिड़की-हवा) कम होता है. इसी वजह से सिक बिल्डिंग सिंड्रोम (SBS) देखने को मिला. यानी यह रिसर्च सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम वाली बंद इमारतों (offices/workplaces) पर है.

क्या घर का AC भी नुकसान करता है?
हां, लेकिन फर्क समझिए कि ऑफिस AC (ज्यादा रिस्क) घंटों लगातार एक्सपोजर होता है, हवा का कम सर्कुलेशन, शेयर्ड एसी (सबकी सांस एक ही सिस्टम में घूमती है). घर का AC (कम रिस्क, अगर सही इस्तेमाल हो). आप बीच-बीच में बाहर जाते हैं, खिड़कियां खोल सकते हैं, AC का कंट्रोल आपके पास होता है.
घर के एसी से कैसे करें बचाव?
- AC का तापमान 24-26 डिग्री के बीच रखें.
- समय-समय पर AC फिल्टर साफ करें.
- बीच-बीच में ताजी हवा लें.
- पानी ज्यादा पिएं.
- कमरे में वेंटिलेशन बनाए रखें.
AC हमें आराम जरूर देता है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हमारी सेहत के लिए खतरा बन सकता है. इसलिए समझदारी इसी में है कि बैलेंस तरीके से उपयोग करें और अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें.
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