UP TET परीक्षा का आयोजन लगातार तीन दिन तक हो रहा है, 4 जुलाई को ये परीक्षा खत्म होगी. इस परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. चार साल बाद होने वाली इस परीक्षा में इस बार कुछ अलग ही नजारा दिखा, कई जगह छात्रों के साथ शिक्षक भी परीक्षा केंद्र पहुंचे और सभी ने एक साथ परीक्षा दी. किसी की उम्र 50 साल तो कोई 20 साल से बतौर सरकारी टीचर पढ़ाने का काम कर रहा है. परीक्षा के बीच ऐसे ही कुछ टीचर्स से एनडीटीवी ने बातचीत की, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब नौकरी बचाने के लिए परीक्षा में शामिल होना पड़ रहा है.
कई इन सर्विस टीचर्स ने दी परीक्षा
इस बार की टीईटी परीक्षा में एक बेहद अलग और भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इन-सर्विस यानी सेवारत शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया है. हालांकि शिक्षकों की सहूलियत को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इन सेवारत शिक्षकों के लिए एक अलग से विशेष UPTET का आयोजन करने का फैसला लिया है. इसी आदेश के अनुपालन में सालों से स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षक खुद परीक्षार्थी बनकर परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे.
शिक्षकों का छलका दर्द
दूसरे दिन की पहली पाली खत्म होने के बाद जब परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले शिक्षक-अभ्यर्थियों से बात की गई तो उनके मिले-जुले अनुभव और व्यक्तिगत दर्द सामने आए. उत्तर प्रदेश के कई अलग–अलग जिलों से प्रयागराज में परीक्षा देने आए इन शिक्षकों में से किसी ने पेपर को आसान बताया तो किसी ने कहा कि सरकार की पॉलिसी है, जिसका उन्हें पालन करना ही पड़ेगा. कुछ शिक्षकों ने कहा कि वे इस उम्र में भी परीक्षा देने के इस अनुभव का आनंद ले रहे है हालांकि उम्र के इस पड़ाव पर पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई कर पाना बेहद कठिन होता है.
बेहद सख्त सुरक्षा के बीच हो रहा एग्जाम
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के दूसरे दिन की पहली पाली की परीक्षा प्रयागराज सहित पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण और कड़े सुरक्षा पहरे के बीच संपन्न हो गई. इसी के साथ अपर प्राइमरी लेवल की टीईटी परीक्षा भी समाप्त हो गई है. अब चार जुलाई को पहली पाली में प्राइमरी लेवल की टीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी. प्रयागराज जिले के कुल 53 परीक्षा केंद्रों पर 76 हजार से अधिक परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जिसे निष्पक्ष ढंग से पूरा कराने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है.
परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए शासन-प्रशासन ने इस बार चाक-चौबंद व्यवस्था की है. प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने खुद कई परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी तरह मुस्तैद मिले और अभ्यर्थियों के सत्यापन के लिए लगाई गई बायोमैट्रिक मशीनें भी सही ढंग से काम कर रही थीं.
प्रयागराज में शिक्षा सेवा चयन आयोग के अंदर एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से सारे परीक्षा केंद्रों की लाइव फुटेज देखी जा रही है. आयोग के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस प्रशांत कुमार खुद इस कंट्रोल रूम में बैठकर एक-एक परीक्षा केंद्र की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. इसके साथ ही नकल माफियाओं के मंसूबों को नाकाम करने के लिए एसटीएफ और एलआईयू की टीमों को भी मुस्तैद किया गया है.
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