Success Story: सफलता की कहानियां आपने काफी बार सुनी होंगीं, लेकिन ज्यादातर सफलताओं के पीछे एक लंबा संघर्ष भी होता है, जिसे शायद ही कोई देखता है. ऐसी ही कुछ कहानियां आज हम आपके लिए लेकर आए हैं, जहां अभ्यर्थियों ने कई बार फेल होने के बावजूद हार नहीं मानी और लंबे संघर्ष के बाद अपनी मंजिल तक पहुंच गए. 13 सालों तक लगातार हर परीक्षा और इंटरव्यू में फेल होने के बाद इलाहाबाद के गोविंद कुमार की चिंता बढ़ती जा रही थी, उन्हें लग रहा था कि अगर पास नहीं हुआ तो अब क्या कर पाऊंगा...लेकिन फिर आखिरकार वो दिन आया, जब उन्हें उनकी मंजिल मिल गई.
13 सालों का लंबा संघर्ष
टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में गोविंद कुमार ने बताया कि वो लंबे समय से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा की तैयारी कर रहे थे. उनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा था, जिसे शायद कोई अभ्यर्थी पसंद नहीं करता है. वो लगातार 10 सालों तक कभी परीक्षा तो कभी इंटरव्यू में बाहर हो रहे थे. उनकी हिम्मत जवाब ही देने वाली थी कि पीसीएस-2015 का रिजल्ट जारी हो गया और उनकी मेहनत आखिरकार रंग लाई.
10 बार PCS में फेल, फिर बन गए IAS
एक ऐसी ही कहानी छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अधिकारी अवनीश शरण की भी है, जिन्होंने असफलताओं का एक बड़ा पहाड़ देखा, लेकिन इसके बाद भी हार नहीं मानी. अवनीश शरण को 10वीं में सिर्फ 44.7 प्रतिशत मार्क्स मिले थे, वहीं 12वीं में 65 प्रतिशत अंकों के साथ पास हुए. इसके बाद उन्होंने ग्रेजुएशन की और इसी दौरान उन्हें सिविल सर्विस में जाने का मन हुआ. अवनीश शरण ने एक के बाद एक कई राज्यों की पीसीएस परीक्षा दी, लेकिन हर बार नाकामी ही हाथ लगी. इसके अलावा उन्होंने सीडीएस और SSC की परीक्षा भी दी, लेकिन क्लियर नहीं कर पाए.
लगातार तमाम परीक्षाओं में फेल होने के बाद जहां लोगों की हिम्मत जवाब दे जाती है, वहीं अवनीश शरण ने एक बड़ा चैलेंज लिया और तय किया कि अब वो यूपीएससी ही क्रैक करेंगे. इसके बाद अपनी तमाम कमियों पर काम किया और 2009 की सिविल सर्विस परीक्षा में 77वीं रैंक हासिल कर ली.
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