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पचास लाख की नौकरी छोड़ खोल दिया मोमोज का ठेला, कमाई जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

साकेत सौरभ एक प्रोडक्ट मैनेजर थे और करीब 52 लाख रुपये सालाना कमा रहे थे. सितंबर 2023 में उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया. उनका मकसद साफ था. मोमोज का बिजनेस करना और उसे एक ऑर्गेनाइज्ड बिजनेस के रूप में ढालना.

पचास लाख की नौकरी छोड़ खोल दिया मोमोज का ठेला, कमाई जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान
नौकरी छोड़कर बेचे मोमोज

भारत में मिडिल क्लास की सोच आज भी एक सिक्योर 9 टू 5 नौकरी और बड़े पैकेज के इर्द गिर्द घूमती है. ऐसे माहौल में 50 लाख सालाना की कॉरपोरेट नौकरी छोड़ना आसान फैसला नहीं होता. लेकिन साकेत सौरभ नाम के शख्स ने यही कदम उठाया. उन्होंने कॉरपोरेट दुनिया की स्टेबिलिटी छोड़कर स्ट्रीट फूड के बिजनेस को चुना. थोड़ा वक्त लगा, लेकिन उन्होंने ये साबित कर दिखाया कि थोड़ा रिस्क लो तो किस्मत भी साथ देने में जुट जाती है. उनका फैसला जितना चौंकाने वाला था. उनकी ग्रोथ उतनी ही हैरान करने वाली है.  

52 लाख की नौकरी छोड़ने का फैसला

साकेत सौरभ एक प्रोडक्ट मैनेजर थे और करीब 52 लाख रुपये सालाना कमा रहे थे. सितंबर 2023 में उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया. उनका मकसद साफ था. मोमोज का बिजनेस करना और उसे एक ऑर्गेनाइज्ड बिजनेस के रूप में ढालना. नौकरी छोड़ने के समय उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. जिसमें उन्होंने 50 लाख की नौकरी छोड़कर मोमो बिजनेस शुरू करने की बात कही. ये वीडियो तेजी से वायरल हुआ और लाखों लोगों तक पहुंचा. साकेत का मानना था कि जब चाय, बर्गर और पिज्जा जैसे फूड ब्रांड बड़े स्तर पर सफल हो सकते हैं. तो, मोमो के साथ भी यही किया जा सकता है.

मोमो के जरिए बदली कमाई की तस्वीर

इस आइडिया की शुरुआत परिवार के छोटे एक्सपेरिमेंट से हुई. गुरुग्राम के बैम्बू कैफे में देखा गया कि पराठा और बिरयानी के मुकाबले मोमो की बिक्री ज्यादा हो रही है. इसके बाद सिर्फ मोमो बेचने का एक छोटा सेटअप लगाया गया और फिर एक आईटी ऑफिस के बाहर कार्ट शुरू किया गया.

ये एक्सपेरिमेंट सफल रहा और रोजाना 10,000 से 12,000 रुपये की बिक्री होने लगी. जनवरी 2024 में द मोमोज माफिया नाम से ब्रांड की ऑफिशियल शुरुआत हुई. हालांकि शुरुआती दौर में कार्ट हटाए जाने, स्टाफ की कमी और मौसम जैसी कई चुनौतियां सामने आईं. इसके बाद टीम ने कार्ट सर्विस रेस्टोरेंट मॉडल अपनाया. जिसमें छोटे आउटलेट के साथ बाहर कार्ट लगाए गए.

इस स्ट्रेटजी का असर साफ दिखा. उनका ब्रांड फेमस होता गया. और, अब ये ब्रांड 7 राज्यों में मौजूद है, जहां 40 कार्ट और 20 आउटलेट ऑपरेट हो रहे हैं. कमाई के आंकड़े भी तेजी से बढ़े हैं. शुरुआती तीन महीनों में साकेत ने 16 लाख रुपये कमाए. साल 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू 2.2 करोड़ तक पहुंच गया. जबकि कुल कमाई 5 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है.

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मुकेश बौड़ाई
Chief Copy Editor
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