Resignation vs VRS: इन दिनों भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान ISRO चर्चा में है. खबरें सामने आ रही हैं कि इसरो के लगभग 100 वैज्ञानिक नौकरी छोड़ रहे हैं. जिसके बाद से एक शब्द की खूब चर्चा हो रही है VRS (Voluntary Retirement Scheme ) यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति. ज्यादातर लोग इस्तीफा और वीआरएस को एक ही समझ बैठते हैं, जबकि दोनों में एक बड़ा अंतर होता है. ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि इस्तीफा और VRS में क्या अंतर है?
क्या होता है इस्तीफा
इस्तीफा जिसे अंग्रेजी में रेजिग्नेशन (Resignation) कहते हैं, तब देता है जब कोई कर्मचारी अपनी मर्जी से, तय समय सीमा से पहले नौकरी छोड़ने का फैसला लेता है. इसके लिए उम्र सीमा नहीं होती. आप नौकरी जॉइन करने के कुछ महीनों बाद भी इस्तीफा दे सकते हैं.
क्या होती हैं शर्तेंइस्तीफा देने पर कर्मचारी को कंपनी या सरकारी विभाग के नोटिस पीरियड के नियमों का पालन करना होता है.
नुकसानआपको बता दें कि इस तरह से अगर कोई कर्मचारी नौकरी के शुरुआती सालों में इस्तीफा देता है, तो वह पेंशन, ग्रेच्युटी या रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले अन्य फायदों का हकदार नहीं होता है.
क्या होता है VRS?
अब आते हैं वीआरएस पर. इसका फुल फॉर्म Voluntary Retirement Scheme होता है. हिन्दी में इसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कहते हैं. यह एक तरह का समय से पहले लिया जाने वाला रिटायरमेंट है.
उम्र और सेवा की शर्तयह सरकारी या निजी क्षेत्र के केवल उन कर्मचारियों को मिलता है, जो एक निश्चित उम्र आमतौर पर 40 साल से अधिक या नौकरी के एक तय साल, जैसे 10 या 20 साल पूरे कर चुके होते हैं.
फायदावीआरएस लेने वाले कर्मचारियों को नौकरी के बचे हुए सालों के बदले एकमुश्त बड़ी रकम मिलती है. इसके साथ ही उन्हें प्रोविडेंट फंड , ग्रेच्युटी और पेंशन जैसे सभी रिटायरमेंट बेनिफिट्स का पूरा लाभ मिलता है.
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