Indian Army Engineer Recruitment: अगर आपने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और एक ऐसी नौकरी की तलाश में, जिसमें शानदार सैलरी, सम्मान और देश की सेवा तीनों का मौका मिले, तो भारतीय सेना (Indian Army) आपके लिए बेहतरीन करियर ऑप्शन हो सकती है. बहुत से लोगों को लगता है कि सेना में सिर्फ जवानों की ही भर्ती होती है, लेकिन यहां इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए भी ऑफिसर बनने के कई रास्ते मौजूद हैं. सबसे खास बात कि इंजीनियरिंग के जरिए सेना में सेलेक्ट होने पर कैंडिडेट डायरेक्ट लेफ्टिनेंट के पद से अपना करियर शुरू करते हैं. आइए जानते हैं कि भारतीय सेना में इंजीनियर कैसे बन सकते हैं, शुरुआती सैलरी कितनी मिलती है और आगे प्रमोशन के कितने मौके होते हैं.
भारतीय सेना में इंजीनियर कैसे बन सकते हैं
1. TGC
अगर आपके पास 4 साल की इंजीनियरिंग डिग्री है, तो भारतीय सेना में इंजीनियर बनने के लिए आपके पास 4 तरीके हैं और इन चारों ही रास्तों से आफ सीधे लेफ्टिनेंट (Lieutenant) के पद पर भर्ती हो सकते हैं. इसमें सबसे पहला TGC (टेक्निकल ग्रेजुएट एंट्री) है. इसके जरिए सेना में 'परमानेंट कमीशन' मिलता है, यानी आप रिटायरमेंट तक सेना में रहेंगे. इसके लिए उम्र 20 से 27 साल होनी चाहिए.
2. SSC Tech
एसएससी टेक (शॉर्ट सर्विस कमीशन टेक) के जरिए भी आप सेना में इंजीनियर बन सकते हैं. इसके तहत आप शुरुआती 10 साल के लिए सेना में सेवा देते हैं. इसे 4 साल और बढ़ाया जा सकता है. इसके लिए आपकी एज 20 से 27 साल होनी चाहिए.
3. CDS एंट्री
कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) एग्जाम के जरिए भी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट सेना में जा सकते हैं. इसके लिए उम्र 19 से 24 साल तय है. इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट कैंडिडेट्स के लिए यह सेना में भर्ती का अच्छा रास्ता माना जाता है.
4. NCC एंट्री स्कीम
अगर आपके पास इंजीनियरिंग की डिग्री के साथ एनसीसी का 'C' सर्टिफिकेट (कम से कम B ग्रेड) है, तो आप 19 से 24 साल की उम्र में सेना के लिए सीधे अप्लाई कर सकते हैं और इंजीनियर की पोस्ट पर सेलेक्ट हो सकते हैं.
सेना में इंजीनियरों के सेलेक्शन का तरीका
सेना में अफसर बनने के लिए आपको रिटेन एग्जाम (कुछ एंट्रीज में डायरेक्ट शॉर्टलिस्टिंग), कड़ा SSB इंटरव्यू और मेडिकल टेस्ट पास करना होता है. इसके बाद आपको ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) चेन्नई या इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) देहरादून में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है.
भारतीय सेना में इंजीनियर्स को कितनी सैलरी मिलती है
भारतीय सेना में इंजीनियर्स को सिर्फ सम्मान ही नहीं, बल्कि बेहद शानदार सैलरी पैकेज भी मिलता है. ट्रेनिंग के दौरान भी 56,100 रुपए प्रति महीने का स्टाइपेंड मिलता है. ट्रेनिंग पूरी होते ही जब लेफ्टिनेंट बनते हैं, तो बेसिक सैलरी का पे-स्केल 56,100 से 1,77,500 रुपए (लेवल-10) हो जाता है. शुरुआती पद से लेकर सीनियर रैंक तक सालाना पैकेज 6.7 लाख से लेकर 30 लाख रुपए तक जाता है. जैसे-जैसे आपका प्रमोशन होता है, सैलरी का लेवल भी बढ़ता जाता है.
रैंक के हिसाब से सैलरी और प्रमोशन
1. भर्ती होते ही आपकी पहली रैंक लेफ्टिनेंट की होगी. इस पद पर पे-स्केल 56,100 से 1,77,500 रुपए तक होता है.
2. सेना में 2 साल की सर्विस पूरी करने के बाद प्रमोशन कैप्टन के पद पर हो जाता है. यहां पे-स्केल बढ़कर 61,300 से 1,93,900 रुपए हो जाता है.
3. जब सर्विस के 6 साल पूरे कर लेते हैं, तब आप मेजर बन जाते हैं. इस रैंक पर आपका पे-स्केल 69,400 से 2,07,200 रुपए तक रहता है.
4. 13 साल की सर्विस पूरी करने के बाद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर प्रमोट होते हैं. यहां पे-स्केल 1,21,200 से 2,12,400 रुपए तक पहुंच जाता है.
भत्ते और सरकारी सुविधाएं
- लेफ्टिनेंट से लेकर ब्रिगेडियर रैंक तक हर महीने 15,500 रुपए अलग से फिक्स मिलते हैं.
- अगर आपकी पोस्टिंग सियाचिन जैसी जगहों पर होती है, तो 42,500 रुपए महीना का एक्स्ट्रा अलाउंस मिलता है.
- अगर आप आर्मी एविएशन कॉर्प्स में पायलट के तौर पर सेवा देते हैं, तो 25,000 रुपए महीना अलग से मिलता है.
- बच्चों की पढ़ाई के लिए सालाना भत्ता
- कपड़ों के लिए 20,000 रुपए सालाना ड्रेस अलाउंस
- मुफ्त इलाज
- 1 करोड़ रुपए का बीमा (AGIF) कवर
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