हिंदू ज्योतिष में शादी से पहले लड़का और लड़की की कुंडली मिलाने की परंपरा है. इस दौरान मंगल दोष पर भी खास ध्यान दिया जाता है. मान्यता है कि कुंडली में मंगल की स्थिति मांगलिक दोष बना सकती है, जिसे कुछ लोग विवाह में देरी और वैवाहिक जीवन की परेशानियों से जोड़कर देखते हैं. हालांकि, हर कुंडली में इसका प्रभाव एक जैसा नहीं माना जाता है. ज्योतिषाचार्य मदन मोहन के अनुसार, मंगल की स्थिति, दूसरे ग्रहों का प्रभाव और नवांश कुंडली को देखकर ही इस विषय पर विचार करना चाहिए. आइए जानते हैं कि मंगल दोष क्या है और ज्योतिष में इससे जुड़े कौन-से उपाय बताए गए हैं.
कुंडली में मंगल दोष कब होता है
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्म कुंडली के पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें भाव में मंगल की स्थिति को मांगलिक दोष से जोड़कर देखा जाता है. अलग-अलग ज्योतिषीय परंपराओं में इसकी गणना के नियम अलग हो सकते हैं. विवाह के संदर्भ में सातवें भाव को खास माना जाता है, क्योंकि इसे वैवाहिक जीवन से जोड़ा जााता है. यही वजह है कि शादी से पहले कुंडली मिलान के दौरान मंगल की स्थिति भी देखी जाती है.
मंगल दोष के प्रकार कौन-से हैं?
ज्योतिष में मंगल दोष को अलग-अलग आधार पर समझा जाता है. आंशिक मांगलिक दोष में इसका प्रभाव सीमित माना जाता है. नवांश मांगलिक दोष में नवांश कुंडली में मंगल की स्थिति देखी जाती है. चंद्र मांगलिक दोष की गणना चंद्र लग्न से मंगल की स्थिति के आधार पर की जाती है. वहीं, पूर्ण मांगलिक दोष का उल्लेख मंगल की अधिक प्रभावशाली स्थिति के संदर्भ में किया जाताा है. इन श्रेणियों की परिभाषा अलग-अलग ज्योतिषीय मान्यताओं में बदल सकती है.
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क्या मंगल दोष से शादी में आती हैं अड़चनें
मदन मोहन के अनुसार, केवल मंगल दोष देखकर विवाह या वैवाहिक जीवन के बारे में निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. कुंडली में मंगल की स्थिति के साथ दूसरे ग्रहों और नवांश कुंडली का भी आकलन किया जाता है. ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, कुछ स्थितियों में दोष का प्रभाव कम मााना जाता है. इसलिए किसी भी निर्णय से पहले पूरी कुंडली का विश्लेषण जरूरी है.
मंगल दोष के लिए क्या उपाय बताए गए हैं?
- मंगलवार का व्रत: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार को व्रत रखना और जरूरतमंदों को गुड़-चना दान करना मंगल से जुड़े उपायों में शामिल है.
- मंगल बीज मंत्र का जाप: श्रद्धालु मंगलवार को शांत मन से 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं.
- मसूर दाल का दान: मंगलवार को लाल मसूर की दाल दान करनाा भी मंगल से जुड़ा पारंपरिक उपाय माना जाता है.
आचार्य मदन मोहन ने बताया कि ये उपाय धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं. मंगल दोष या उसके उपायों के प्रभाव का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. शादी जैसे अहम फैसले आपसी समझ, सहमति और अनुकूलता को ध्याान में रखकर लेना बेहतर है.
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