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IIT दिल्ली से लेकर अमेरिका तक, Zomato के नए CEO अलबिंदर ढींडसा ने यहां से की है पढ़ाई

अलबिंदर ढींडसा को जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल का नया CEO बनाया गया है. वे ब्लिंकिट के फाउंडर हैं और अब इटरनल को अगले ग्रोथ फेज में ले जाने के लिए काम करेंगे. आइए जानते हैं उन्होंने कहां से और कितनी पढ़ाई की है, उनके करियर की शुरुआत कैसे हुई.

IIT दिल्ली से लेकर अमेरिका तक, Zomato के नए CEO अलबिंदर ढींडसा ने यहां से की है पढ़ाई
Zomato के नए सीईओ की एजुकेशन

Zomato New CEO Education: भारत की फूड और क्विक-डिलीवरी इंडस्ट्री की टॉप कंपनी जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल (Eternal) को नया CEO मिल गया है. अलबिंदर ढींडसा अब ये जिम्मेदारी संभालेंगे, जो इससे पहले ब्लिंकिट के को-फाउंडर और CEO रह चुके हैं. दीपिंदर गोयल के CEO पद छोड़ने के बाद उन्हें कंपनी की कमान सौंपी गई है. आइए जानते हैं अलबिंदर ढींडसा हैं कौन, उन्होंने कहां से पढ़ाई की है और यहां तक कैसे पहुंचे.

IIT Delhi से इंजीनियरिंग, अमेरिका से MBA

अलबिंदर ढींडसा का जन्म पंजाब के पटियाला में हुआ. बचपन से ही उन्हें चीजों को अलग नजरिए से देखने की आदत थी. पढ़ाई के दिनों में उनका झुकाव टेक्नोलॉजी और बिजनेस की तरफ बढ़ने लगा. ढींडसा ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. यहां से उन्हें सिर्फ डिग्री नहीं मिली, बल्कि प्रॉब्लम सॉल्विंग, टेक्निकल सोच और सिस्टम को समझने की आदत मिली.इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने यूएस के कोलंबिया बिजनेस स्कूल (Columbia Business School) से MBA किया. यहां से उन्हें मैनेजमेंट, बिजनेस स्ट्रैटेजी और ग्लोबल मार्केट की गहरी समझ मिली.

ग्रोफर्स से ब्लिंकिट तक का सफर

2013 में अलबिंदर ढींडसा ने ग्रोफर्स (Grofers) की शुरुआत की, जो बाद में ब्लिंकिट (Blinkit) बना. '10 मिनट में डिलीवरी' जैसे कॉन्सेप्ट ने लोगों की खरीदारी की आदत ही बदल दी. जहां पहले किराना सामान के लिए प्लान बनता था, वहीं ब्लिंकिट ने सब कुछ तुरंत उपलब्ध कराना शुरू किया. यही वजह रही कि 2022 में जोमैटो ने ब्लिंकिट को खरीद लिया और यह ग्रुप का अहम हिस्सा बन गया.

इटरनल के नए CEO की नई जिम्मेदारी और उम्मीदें

अब अलबिंदर ढींडसा को इटरनल का CEO बनाया गया है। उनसे उम्मीद है कि वे फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी को एक साथ लेकर कंपनी को आगे बढ़ाएंगे. यह जिम्मेदारी दिखाती है कि कंपनी ग्राउंड-लेवल एक्सपीरियंस और एक्सिक्यूशन को सबसे ज्यादा महत्व दे रही है. ढींडसा को जिम्मेदारी देने के बाद दीपिंदर गोयल CEO पद से हट रहे हैं, लेकिन कंपनी से अलग नहीं हो रहे. 1 फरवरी 2026 से वे वाइस चेयरमैन की भूमिका में रहेंगे और लंबी रणनीति, बड़े फैसले और ग्रोथ प्लान में अपनी अहम भूमिका निभाते रहेंगे. कंपनी के मुताबिक, यह बदलाव मैनेजमेंट को और मजबूत बनाने के लिए किया गया है.

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