विज्ञापन

कौन हैं प्रो. शांतनु भट्टाचार्य? जिन्हें मिला विज्ञान जगत का प्रतिष्ठित NASI फेलो सम्मान

बायो MEMS, नैनो टेक्नोलॉजी, माइक्रोफ्लूडिक्स और फंक्शनल मैटेरियल्स पर उनके शोध को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है. उनकी फेलोशिप 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होगी.

कौन हैं प्रो. शांतनु भट्टाचार्य? जिन्हें मिला विज्ञान जगत का प्रतिष्ठित NASI फेलो सम्मान
प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने जून 2006 में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी, कोलंबिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की थी.

NASI Fellowship : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) कानपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर शांतनु भट्टाचार्य ने बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. शांतनु भट्टाचार्य को नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज, इंडिया (NASI) का फेलो चुना गया है. यह सम्मान उन्हें विज्ञान और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए दिया गया है. IIT कानपुर ने भी इस अचीवमेंट पर प्रो. भट्टाचार्य को बधाई दी है. संस्थान ने कहा कि उन्हें फंक्शनल मैटेरियल्स और आधुनिक तकनीकों से जुड़े शोध कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान मिला है.

बता दें कि उनकी फेलोशिप 01 जनवरी 2027 से प्रभावी होगी. ऐसे में आइए जानते हैं शांतनु भट्टाचार्य ने किन क्षेत्रों मे शोध किया है, NASI फेलोशिप क्या है और वर्तमान में कौन सी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

अमेरिका से की पढ़ाई

प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने जून 2006 में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी, कोलंबिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की थी. इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2003 में टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी, अमेरिका से एमएस (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) किया.

उन्होंने अपनी शुरुआती इंजीनियरिंग शिक्षा दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इंडस्ट्रियल एंड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में बीई (BE) की डिग्री के साथ पूरी की थी.

इन फिल्ड्स में किया है शोध

प्रो. शांतनु भट्टाचार्य ने बायो MEMS, लैब-ऑन-चिप, नैनो टेक्नोलॉजी, माइक्रोफ्लूडिक सिस्टम, सेंसर, एकॉस्टिक मेटामैटेरियल्स, वाटर रेमेडिएशन और एनर्जी स्टोरेज डिवाइसेज जैसे क्षेत्र में शोध किया है.

उनका काम ऐसे उपकरण और तकनीक विकसित करने पर केंद्रित रहा है जो स्वास्थ्य, पर्यावरण, ऊर्जा और इंजीनियरिंग से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद कर सकें.

वर्तमान में ये जिम्मेदारी संभाल रहे हैं

प्रो. भट्टाचार्य वर्तमान में चंडीगढ़ स्थित CSIR-सेंट्रल साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स ऑर्गनाइजेशन (CSIR-CSIO) के डायरेक्टर हैं. इसके अलावा उनके पास पिलानी स्थित CSIR-सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSIR-CEERI) के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी है. 

क्यों खास है NASI फेलोशिप?

 यह उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय और लंबा योगदान दिया हो. प्रो. शांतनु भट्टाचार्य का सिलेक्शन यह दर्शाता है कि उनका शोध कार्य न केवल शैक्षणिक जगत बल्कि तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ रहा है.

यह भी पढ़ें- 5 साल में मेजर, फिर राष्ट्रपति की ADC, कौन हैं मेजर नव्या शेखावत?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com