अगर आप अपने बच्चे का दाखिला प्राइवेट स्कूल में करवाने में असमर्थ हैं, तो केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय आपके लिए के बेहतर विकल्प है. केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय की पढ़ाई भी काफी अच्छी होती है. सबसे बड़ी बात ये आम आदमी के बजट में भी हैं. आप अपने बच्चे का एडमिशन नहीं इन स्कूलों में भी करवा सकते हैं. केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के बीच में क्या अंतर है और यहां पढ़ाने की फीस कितनी है, आइए जानते हैं ये विस्तार में.
केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय में क्या अंतर है?
केंद्रीय विद्यालय को केवी (KV) भी कहा जाता है. ये स्कूल केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आते हैं. देश में केंद्रीय विद्यालय की संख्या 1200 से अधिक है. लगभग हर राज्य के जिले में केंद्रीय विद्यालय जरूर होता है. केंद्रीय विद्यालय आमतौर पर सरकारी कर्मचारियों के बच्चों के लिए बनाए गए हैं. लेकिन इन स्कूलों में अन्य बच्चों के लिए भी कुछ सीटें आरक्षित होती हैं. ऐसे में प्राइवेट नौकरी करनेवाले लोगों के बच्चों को भी यहां दाखिला मिल जाता है.
केंद्रीय विद्यालय की फीस
केंद्रीय विद्यालय में दाखिले की फीस 25 रुपये है. री एडमिशन फीस- 100 रुपये है. ट्यूशन फीस (हर महीने) क्लास IX और X (लड़का) के लिए 200 रुपये है. क्लास XI और XII कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज के लिए 300 रुपये है. क्लास XI और XII साइंस (लड़का) के लिए 40 रूपये है.
कंप्यूटर फंड 100 रुपये है. कंप्यूटर साइंस फीस (क्लास XI और XII में इलेक्टिव सब्जेक्ट के लिए) फीस 150 रुपये है. विद्यालय विकास निधि क्लास I – XII तक (हर महीने) 500 रुपये है. वहीं लड़कियों, KVS एम्प्लॉई के बच्चों, SC/ST स्टूडेंट्स को फीस में छूट दी गई है.
जवाहर नवोदय विद्यालय को एनवी (NV) भी कहा जाता है. ये स्कूल भी केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत आता है. जवाहर नवोदय विद्यालय उन परिवारों के बच्चों के लिए बनाए गए हैं, जो अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकते हैं. जवाहर नवोदय विद्यालय स्टूडेंट्स के लिए पहले 3 साल तक फ्री है. वहीं क्लास IX से आगे जनरल और OBC जाति के स्टूडेंट्स को हर महीने करीब 600 रुपये फीस के तौर पर देने होते हैं.
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