Private engineering college ranking criteria : उत्तर प्रदेश में बीटेक करने का सपना देख रहे छात्रों एक बहुत बड़ी और काम की खबर सामने आ रही है. अब तक आप केवल सरकारी कॉलेजों की रैंकिंग के आधार पर एडमिशन लेते थे, लेकिन अब प्रदेश के प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की भी रैंकिंग की जाएगी. जी हां, योगी सरकार के प्राविधिक शिक्षा विभाग (Technical Education Department) ने शिक्षा की क्वालिटी सुधारने के लिए यह बड़ा फैसला लिया है.
आपको बता दें कि निजी कॉलेजों के लिए सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से इंजीनियर बनने की चाहत रखने वाले स्टूडेंट्स को एडमिशन्स की कंफ्यूजन दूर होगी.
रैंकिंग नए एकेडेमिक सेशन होगी शुरूबता दें कि प्राइवेट कॉलेज की रैंकिंग की तैयारी नए एकेडेमिक सेशन से शुरू की जाएगी. जिसके माध्यम से 700 कॉलेजों पर सख्ती बरती जाएगी. इस रैंकिंग में निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को शामिल करने से हेल्दी कॉम्पिटिशन बढ़ेगा.
इन 8 पैमानों पर होगी रैंकिंगसरकार ने प्राइवेट कॉलेजों को रेटिंग देने के लिए कुछ खास मापदंड तय किए हैं। अब कॉलेज सिर्फ डिग्री बांटकर नहीं बच पाएंगे, उन्हें इन मोर्चों पर खुद को साबित करना होगा:
टीचर्स की क्वालिटी
इंफ्रास्ट्रक्चर
एक्स्ट्रा एक्टिविटीज
एग्जाम और रिजल्ट
लैब और प्रैक्टिकल
सेमिनार और वर्कशॉप
स्टार्टअप और इनोवेशन
रिसर्च और प्लेसमेंट
सरकारी कॉलेजों में कौन है आगे?विदित हो कि हाल ही में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज की रैंकिंग जारी की गई थी. जिसमें कमला नेहरु इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सुल्तानपुर पहले स्थान पर, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज आजमगढ़ दूसरे पर और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज कन्नौज तीसरे स्थान पर था.
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