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यूपी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए सबसे बेस्ट हैं ये कॉलेज, सरकार ने जारी कर दी SIRF रैंकिंग

UP SIRF Ranking: यूपी सरकार ने NIRF की तर्ज पर स्टेट इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क' (SIRF) की शुरुआत की है. इस रैंकिंग सिस्टम में सरकारी कॉलेजों को शामिल किया गया है.

यूपी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए सबसे बेस्ट हैं ये कॉलेज, सरकार ने जारी कर दी SIRF रैंकिंग
यूपी सरकार की SIRF रैंकिंग

UP SIRF Ranking:नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की तरफ से हर साल यूनिवर्सिटी रैंकिंग जारी की जाती है. इसमें बताया जाता है कि हर स्ट्रीम के लिए कौन से कॉलेज टॉप पर हैं. इंजीनियिंग से लेकर मेडिकल और बाकी तमाम तरह के कोर्सेस के लिए ये रैंकिंग जारी होती है. अब इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी रैंकिंग सिस्टम लाया गया है. यूपी के तकनीकी शिक्षा विभाग ने 'स्टेट इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क' (SIRF) की शुरुआत की है. इसमें सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की रैंकिंग जारी की जा रही है. इस साल की रैंकिंग में टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों की लिस्ट जारी की गई है. 

यूपी के इस कॉलेज को मिली पहली रैंक

यूपी SIRF के की इस रैंकिंग में कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (KNIT), सुल्तानपुर को सबसे ऊपर रखा गया है. राज्य में इस कॉलेज का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा है. बताया गया है कि रिसर्च से लेकर बुनियादी सुविधाओं और बाकी चीजों को ध्यान में रखते हुए ये रैंकिंग तैयार की गई है. इस रैंकिंग सिस्टम से इंजीनियरिंग कॉलेजों की गुणवत्ता को बढ़ाने और उनमें कॉम्पिटिशन की भावना पैदा करना है. चार नए कॉलेजों में से इंजीनियरिंग कॉलेज गोंडा 184 नंबर्स के साथ सबसे आगे रहा. 

यूपी सरकार की तरफ से जारी रैंकिंग में बताया गया कि KNIT सुल्तानपुर ने 300 में से 234 नंबर हासिल कर टॉप की रैंक हासिल की है. इसके अलावा राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, आजमगढ़ 206 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है, वहीं राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कन्नौज 202 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर रहा.  इनके साथ ही बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (BIET) झांसी और कई जिलों के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों को इस रैंकिंग में शामिल किया गया है.

क्वालिटी पर ज्यादा फोकस

शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ये NIRF की तरफ बढ़ने वाला एक कदम है. अब क्वांटिटी के बजाय क्वालिटी पर फोकस किया जा रहा है. नए कॉलेज खोलने के बजाय मौजूदा संस्थानों को मजबूत करने की तरफ ध्यान दिया जा रहा है. राज्य स्तर पर जारी होने वाली इस तरह की रैंकिंग में हर कॉलेज शामिल होना चाहता है और खुद की रैंकिंग सुधारने के लिए लगातार कोशिश करेगा. फैकल्टी से लेकर रिजल्ट, इनोवेशन, एक्टिविटीज, वर्कशॉप, कैंपस प्लेसमेंट और रिसर्च जैसी चीजों के लिए अलग-अलग नंबर दिए जा रहे हैं. 

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