Assistant Professor Career After UGC NET: यूजीसी नेट (UGC NET) जून महीने की आंसर की का इंतिजार कैंडिडेट बेसब्री से कर रहे हैं. लगातार वेबसाइट चेक कर रहे हैं. क्योंकि Answer Key आने के बाद ही फाइनल रिजल्ट जारी किया जाता है. ऐसे में उम्मीदवार आंख टिकाए वेबसाइट पर बैठे हैं. क्योंकि ये परीक्षा पास करके के बाद ही आप हायर एजुकेशन के क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं. यही नहीं नेट पास करने के बाद ही आप कॉलेज और यूविवर्सिटी में असिस्टेंट में प्रोफेसर जैसे प्रतिष्ठित पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. बता दें शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी एक प्रतिष्ठित और स्थिर विकल्प माना जाता है. यूजीसी नेट (UGC NET) क्वालिफाई करने या पीएचडी पूरी करने के बाद उम्मीदवार देशभर की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में टीचिंग पोजीशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. हालांकि, जिस संस्थान में नौकरी मिलती है, उसी के अनुसार सैलरी, सिलेक्शन प्रोसेस और करियर ग्रोथ भी बदलती है. ऐसे में आइए जानते हैं सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी में कैसे हायरिंग होती है और कितनी सैलरी मिलती है.
सेंट्रल यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर कैसे बनें
सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए संबंधित यूनिवर्सिटी समय-समय पर रिक्रूटमेंट निकालते रहते हैं. जिसके लिए हजारों की संख्या में कैंडिडेट आवेदन करते हैं. इसके बाद यूनिवर्सिटी एलिजिबल कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाती है. बता दें कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर की स्टार्टिंग सैलरी महीने की 80 हजार रुपये से लेकर 1.20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. यही वजह है कि ज्यादातर नेट क्वालिफाइड कैंडिडेट सबसे पहले सेंट्रल यूनिवर्सिटी की भर्तियों पर नजर टिकाकर रखते हैं.
स्टेट यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर कैसे बनें
वहीं, स्टेट यूनिवर्सिटी में भी रिक्रूटमेंट प्रोसेस काफी हद तक सेंट्रल जैसी ही होती है. ये अपने लेवल पर नोटिफिकेशन जारी कर इंटरव्यू बेसिस पर सिलेक्शन करते हैं. इन इंस्टीट्यूट में असिस्टेंट प्रोफेसर को लगभग 70 हजार से 1.10 लाख रुपये मंथली सैलरी मिल सकती है.
सरकारी कॉलेजों में क्या है प्रोसेस
सरकारी कॉलेजों में सिलेक्शन प्रोसेस थोड़ा अलग होता है. यहां भर्ती अक्सर संबंधित राज्य लोक सेवा आयोग, जैसे UPPSC, RPSC, MPPSC या अन्य PSC परीक्षाओं के जरिए होती है. सिलेक्टेड कैंडिडेट्स को राज्य सरकार के वेतनमान के अनुसार करीब 70 हजार से 1.10 लाख रुपये तक मंथली सैलरी मिल सकती है.
प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज
वहीं, प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज में की बात करें तो यहां का सिलेक्शन सीधे इंटरव्यू, डेमो लेक्चर और एकेडेमिक प्रोफाइल से होकर गुजरता है. ऐसे इंस्टीट्यूशन में सैलरी का दायरा थोडा बड़ा होता है. यहां अनुभव, सब्जेक्ट और संस्थान की प्रतिष्ठा के अनुसार 40 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये या उससे अधिक मंथली सैलरी मिल सकती है.
कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट फैकल्टी भी है ऑप्शन
करियर की शुरुआत करने वालों के लिए कॉन्ट्रैक्ट और गेस्ट फैकल्टी के भी अच्छे ऑप्शन्स होते हैं. कॉन्ट्रैक्चुअल पदों पर 50 हजार से 1 लाख रुपये तक मंथली सैलरी मिल सकती है, जबकि गेस्ट फैकल्टी को हर लेक्चर के अनुसार पेमेंट दिया जाता है.
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