UGC guidelines for pwd students : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने देश के कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे दिव्यांग छात्रों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. UGC ने बौद्धिक दिव्यांगता (intellectual disability), सीखने की खास कठिनाई (specific learning disabilities) और ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर जैसी चुनौतियों से जूझ रहे छात्रों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इसका मकसद यह पक्का करना है कि इन छात्रों को पढ़ाई के दौरान हर तरह की जरूरी मदद और सुविधाएं मिल सकें.
UGC का मानना है कि पढ़ाई को आसान और सबके लिए बराबर बनाना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि इन नई गाइडलाइंस में कॉलेजों को क्या-क्या कदम उठाने के लिए कहा गया है.
कॉलेज और यूनिवर्सिटीज के लिए UGC की बड़ी सलाह
UGC ने हायर एजुकेशन संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपनी टीचिंग और तौर-तरीकों में बदलाव करें, ताकि दिव्यांग छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने में कोई दिक्कत न आए. इसके तहत मुख्य रूप से ये सुझाव दिए गए हैं:
लर्निंग सपोर्टछात्रों को क्लास के कामों, लिखने में मदद करने वाले टूल्स (writing tools), फ्लेक्सिबल असाइनमेंट और पढ़ाई के दौरान तय समय पर ब्रेक देने जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए.
स्टाफ को संवेदनशील बनानाकॉलेज के टीचरों और अन्य स्टाफ के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम चलाए जाएंगे, ताकि वे इन छात्रों की जरूरतों को समझ सकें और उनके साथ सही व्यवहार करें.
जागरूकता बढ़ानाबिना दिव्यांगता वाले सामान्य छात्रों के लिए वीडियो-आधारित प्रोग्राम चलाए जाएंगे, जिससे वे दिव्यांग साथियों की मदद के लिए जागरूक हो सकें.
संस्थानों को करने होंगे ये जरूरी इंतजाम
UGC ने कॉलेजों को एक बेहतर माहौल तैयार करने के लिए कई तरह के उपाय करने को कहा है:
अलग व्यवस्था और ज्यादा स्टाफछात्रों की व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा. जहां जरूरत होगी, वहां छात्रों की संख्या के हिसाब से ज्यादा स्टाफ (Staff-to-Student Ratio) तैनात किया जाएगा.
कोर्स और ट्रेनिंगसीखने की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने के लिए नए कोर्स, काम-आधारित शिक्षा और अप्रेंटिसशिप के मौके दिए जाएंगे.
घर से सीखने की सुविधाजिन छात्रों के लिए रोज कैंपस आना मुश्किल है, उन्हें ई-लर्निंग (E-learning) और डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए घर बैठे पढ़ने की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा रेसिडेंशियल ट्रेनिंग का विकल्प भी होगा.
आर्थिक और करियर मददस्कॉलरशिप, फीस में छूट और केंद्र व राज्य सरकारों की वित्तीय योजनाओं का लाभ इन छात्रों तक आसानी से पहुंचाया जाएगा. साथ ही करियर काउंसलिंग और प्लेसमेंट में भी मदद दी जाएगी.
अलग-अलग दिव्यांगता के लिए खास सहायक उपकरण (Assistive Devices)
UGC के मुताबिक, दिव्यांग छात्रों की जरूरतों के हिसाब से उन्हें विशेष सहायक उपकरण और सुविधाएं मिलना जरूरी है. अलग-अलग कैटेगरी के लिए गाइडलाइंस इस प्रकार हैं:
1. शारीरिक रूप से दिव्यांग (Physically Challenged) छात्रों के लिए
- बैठने, चलने-फिरने (Mobility) और एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने में पूरी मदद की जाएगी.
- क्लास में बैठने के लिए खास व्यवस्था होगी.
- पन्ने पलटने, पेन-पेंसिल से लिखने, कीबोर्ड टाइपिंग और स्टडी मटीरियल तक पहुंचने में सहायता दी जाएगी.
- कैंपस की सुविधाओं और कंप्यूटर/इंटरनेट (ICT) का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी.
2. सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) वाले छात्रों के लिए
- रोजमर्रा के कामों, खुद की देखभाल और उठने-बैठने में मदद की जाएगी.
- शरीर के पोस्चर को ठीक रखने और दर्द से राहत देने के लिए खास तरह का फर्नीचर दिया जाएगा.
- लिखने, टाइप करने, पन्ने पलटने और बोलने/बातचीत करने में पूरी सहायता मिलेगी.
3. कुष्ठ रोग से ठीक हुए (Leprosy Cured) छात्रों के लिए
- लिखने, टाइप करने और पढ़ाई का सामान संभालने में आने वाली दिक्कतों को दूर किया जाएगा.
- देखने, चलने-फिरने और बातचीत करने में होने वाली चुनौतियों में मदद मिलेगी.
- क्लास के दौरान बैठने की विशेष व्यवस्था और ICT टूल्स का सपोर्ट मिलेगा.
4. एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए
- बोलने, बातचीत करने और हाथों की मूवमेंट (चीजों को संभालने) में मदद दी जाएगी.
- अगर देखने में कोई परेशानी है, तो अतिरिक्त सहायता मिलेगी.
- क्लास में बैठने की अलग व्यवस्था और कैंपस की सुविधाओं तक आसान पहुंच दी जाएगी.
5. कम कद (बौनेपन) और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी वाले छात्रों के लिए
कम कद वाले छात्रबैठने, चलने-फिरने और कैंपस की सुविधाओं (ICT) का इस्तेमाल करने के लिए उनकी हाइट के हिसाब से जरूरी बदलाव किए जाएंगे.
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी
बैठने, चलने, एक जगह से दूसरी जगह जाने और बातचीत करने में आने वाली परेशानियों को दूर करने के लिए विशेष सपोर्ट मिलेगा.
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