विज्ञापन

इंटरव्यू में इंग्लिश बोलने से लगता है डर? इन आसान तरीकों से बढ़ाएं कॉन्फिडेंस

Tips To Improve English Speaking Skills : इंटरव्यू के दौरान कई कैंडिडेट्स इंग्लिश भाषा में बातचीत करते समय कॉन्फिडेंट महसूस नहीं कर पाते हैं. हालांकि, कुछ टिप्स अपनाकर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है.

इंटरव्यू में इंग्लिश बोलने से लगता है डर? इन आसान तरीकों से बढ़ाएं कॉन्फिडेंस
कई कैंडिडेट इंग्लिश बोलने से पहले अपने मन में हिंदी या किसी दूसरी भाषा से इंग्लिश में ट्रांसलेट करते हैं.

Tips To Improve English Speaking Skills : नौकरी के इंटरव्यू में सफलता केवल एजुकेशनल क्वालिफिकेशन या स्ट्रांग टेक्निकल स्किल्स पर निर्भर नहीं करती, बल्कि शानदार कम्युनिकेशन स्किल्स भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती हैं. इस दौरान इंग्लिश लैंग्वेज को लेकर कई कैंडिडेट्स के मन में झिझक और डर देखा जाता है. कैंडिडेट्स के पास अक्सर सही नॉलेज और अनुभव होता है, लेकिन इंग्लिश में अपनी बात रखने के दौरान उनका कॉन्फिडेंस कमजोर पड़ जाता है. हालांकि, कई जानकारों का कहना है कि ज्यादातर रिक्रूटर्स परफेक्ट इंग्लिश नहीं, बल्कि क्लियर और कॉन्फिडेंट बातचीत की उम्मीद करते हैं. इसलिए यहां कुछ कुछ आसान टिप्स बताए गए हैं, जिनकी मदद से कैंडिडेट इंटरव्यू के दौरान अपनी इंग्लिश में बात करने की स्किल को बेहतर बना सकते हैं - 

कठिन शब्दों की नहीं, क्लियर बातचीत की जरूरत

PEXELS

इंटरव्यू में अच्छा इम्प्रेशन डालने के लिए भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल जरूरी नहीं है. कई बार कठिन शब्दों का इस्तेमाल करने की कोशिश कैंडिडेट्स को और ज्यादा तनाव में डाल देता है. कैंडिडेट्स को सबसे पहले अपने इंट्रोडक्शन को आसान शब्दों में तैयार करना चाहिए. इस दौरान अपनी शिक्षा, स्किल्स, रुचियों और वर्क एक्सपीरियंस से जुड़े जवाबों को आसान भाषा में तैयार करें. “Tell me about yourself”, “Why should we hire you?” और “What are your strengths?” जैसे सामान्य सवालों के जवाब पहले से तैयार कर उनकी प्रैक्टिस करना फायदेमंद साबित हो सकता है.

इंग्लिश में सोचना शुरू करें

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: pexels

कई कैंडिडेट इंग्लिश बोलने से पहले अपने मन में हिंदी या किसी दूसरी भाषा से इंग्लिश में ट्रांसलेट करते हैं. इससे बोलने की गति धीमी हो जाती है और कॉन्फिडेंस पर असर पड़ता है. इसलिए धीरे-धीरे इंग्लिश में सोचना शुरू करें. इस दौरान शुरुआत छोटे और आसान सेन्टेंस से की जा सकती है, जैसे “I am studying”, “I am preparing for an interview” या “I will complete this task today.” इस आदत से दिमाग सीधे इंग्लिश में सेंटेंस बनाता है और कम्युनिकेशन बेहतर होती है.

दूसरों को देखकर सीखें

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: pexels

इंग्लिश स्पीकिंग स्किल्स को बेहतर करने का एक आसान तरीका दूसरों को सुनना और समझना भी है. इसके लिए कैंडिडेट मॉक इंटरव्यू, यूट्यूब वीडियो, पॉडकास्ट या इंग्लिश न्यूज का सहारा ले सकते हैं. वीडियो देखते समय स्पीकर के सेंटेंस को दोहराने की प्रैक्टिस भी मददगार साबित हो सकती है. इससे उच्चारण (Pronunciation), बोलने की गति और कॉन्फिडेंस में सुधार आता है.

रेग्युलर प्रैक्टिस जरूरी 

Latest and Breaking News on NDTV

इंग्लिश सुधारने के लिए केवल पढ़ना और लिखना काफी नहीं है. कैंडिडेट्स को रोजाना कम से कम 10 से 15 मिनट इंग्लिश बोलने की प्रैक्टिस करनी चाहिए. अपने दिनभर की एक्टिविटीज के बारे में बोलना, किसी चीज पर डिस्कस करना या इंटरव्यू के जवाबों की प्रैक्टिस करना फायदेमंद हो सकता है. इस दौरान खुद की आवाज रिकॉर्ड कर उसे सुनना भी एक अच्छा तरीका है. इससे बोलते समय आने वाली कमियों और झिझक को पहचाना जा सकता है.

सबसे महत्वपूर्ण है कॉन्फिडेंस 

Latest and Breaking News on NDTV

इंटरव्यू में छोटी-मोटी भाषाई गलतियां होना सामान्य बात है. अगर कैंडिडेट रुककर सोचते हैं, खुद को सुधारते हैं या आसान शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो यह कोई बड़ी समस्या नहीं है. महत्वपूर्ण यह है कि इंटरव्यू लेने वाला व्यक्ति आपकी बात को अच्छे से समझ सके. लगातार प्रैक्टिस, पॉजिटिव सोच और सही रणनीति के जरिए कोई भी कैंडिडेट अपनी इंग्लिश स्पीकिंग स्किल्स में सुधार कर सकता है. 

यह भी पढ़ें- AIIMS के बाद किन मेडिकल कॉलेजों में सबसे ज्यादा एडमिशन लेते हैं छात्र? देख लीजिए लिस्ट

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
How To Improve English Speaking, English Speaking Tips
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com