संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है. देश के जो युवा IAS, IPS, IFS जैसे अधिकारी बनने का सपना देखते हैं उन्हें इस परीक्षा से गुजरना होता है. ये परीक्षा पास करना आसान नहीं हैं. इस परीक्षा को पास करने के लिए फोकस और मनबोल की काफी जरूरत होती है. अगर आप भी इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो एक बार सौम्या मिश्रा की कामयाबी की कहानी जरूर पढ़ें. सौम्या मिश्रा ने अपनी मेहनत और मजबूत इरादे के दम पर ये परीक्षा पास की और उन लाखों बच्चो के लिए प्ररेणा भी बन गई जो ये IAS बनने का सपना देखते हैं.
आसानी से नहीं मिली सफलता
सौम्या ने कुल चार बार यूपीएससी एग्जाम दिया जब जाकर उन्होंने 18वीं रैंक हासिल की है. सौम्या मिश्रा ने एसडीएम रहते हुए यूपीएससी एग्जाम की तैयारी. दिन रात बस मेहनत की और इसका फल भी मिला. दरअसल सौम्या मिश्रा ने साल 2001 में पीसीएस एग्जाम दिया था. इस एग्जाम नें उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया था. जिसके साथ ही वो एसडीएम बन गई. लेकिन सौम्या मिश्रा का लक्ष्य कुछ और था. वो कुछ और हासिल करना चाहती थी. उन्हें IAS बनना था. फिर क्या सौम्या मिश्रा अपने लक्ष्य को हासिल करने में लग गई. हालांकि ये इतना आसान नहीं था.
सौम्या मिश्रा ने कुल चार बार UPSC एग्जाम दिया जब जाकर अपना सपना सच कर पाई. सौम्या मिश्रा पहले कोशिश में फेल हो गई. दूसरे प्रयास में इंटरव्यू में तक पहुंची लेकिन उसे पास नहीं कर पाई. तीसरे प्रयास में प्रिलिम्स तक पास नहीं पाई. लेकिन चौथे प्रयास में वह कामयाब हुईं और 18वीं रैंक हासिल की है.
परिवार का सपना किया सच
उन्नाव की रहने वाली सौम्या मिश्रा ने पढ़ाई दिल्ली से की हुई है. उनके पिता राघवेंद्र मिश्रा दिल्ली गवर्नमेंट में हिंदी प्रोफेसर हैं. परिवार वालों का भी सपना था कि उनकी बेटी IAS बनें. जिसे सौम्या ने सच करके दिखाया.
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