छत्तीसगढ़ के रायपुर की 10वीं क्लास की छात्रा महिमा राजपूत का चयन हाल ही में 'शक्तिसैट' (ShakthiSAT) के लिए हुआ है. यह एक इंटरनेशनल स्पेस एजुकेशन प्रोग्राम है, जिसमें 108 देशों के प्रतिभागी हिस्सा लेने जा रहे हैं. 'शक्तिसैट' (ShakthiSAT) प्रोग्राम, भारतीय एयरोस्पेस संस्था 'स्पेस किड्स इंडिया' की ओर से शुरू की गई लड़कियों के लिए एक अनोखी ग्लोबल स्पेस पहल है. इस मिशन का मकसद 108 देशों की 12 से 18 साल की स्कूली लड़कियों को स्पेस टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट इंजीनियरिंग में ट्रेनिंग देना है.
'शक्तिसैट' (ShakthiSAT) प्रोग्राम के बारे में
- इस प्रोग्राम के तहत सबसे पहले दुनिया के 108 देशों की लगभग 12,000 स्कूली छात्राओं को स्पेस टेक्नोलॉजी में ट्रेन किया जाता है.
- ट्रेनिंग के दौरान छात्राओं को 21 मॉड्यूल और 365 पाठों के जरिए सैटेलाइट बिल्डिंग और स्पेस साइंस की बारीकियां बताई जाती है.
- 120 घंटे की ऑनलाइन ट्रेनिंग के जरिए सैटेलाइट सिस्टम, पेलोड डेवलपमेंट, पीसीबी डिज़ाइन के बारे में बताया जाता है.
- ऑनलाइन ट्रेनिंग के बाद, हर देश से एक बेस्ट स्टूडेंट का सिलेक्शन किया गया है.
- भारत की ओर से छत्तीसगढ़ के रायपुर की 14 साल की महिमा का चयन हुआ है.
महिमा राजपूत की तरह भाग लेने वाले प्रतिभागी को सैटेलाइट डिजाइन और निर्माण की बुनियादी बातों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. चुने गए छात्र 23 अगस्त को दिल्ली जाएंगे, जहां वे इस प्रोग्राम के तहत सैटेलाइट बनाने की प्रैक्टिकल गतिविधियों में हिस्सा लेंगे. इस मिशन की योजना में अंतरिक्ष में सैटेलाइट लॉन्च करना शामिल है. एक सैटेलाइट को चांद पर अक्टूबर में लॉन्च करने की योजना है.
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh: Mahima Rajput, a 10th-class student, is selected for the international space Mission 'ShakthiSAT' from India. Students from 108 countries will participate.
— ANI (@ANI) June 25, 2026
Mahima Rajput says, "I am selected for the Mission 'ShakthiSAT', which my principal told my… pic.twitter.com/KOemeBd8YC
अब बच्चे बनाएंगे सैटेलाइट
यह प्रोग्राम स्कूल के बच्चों के लिए खास तैयार किया गया है. जिसका मकसद छात्रों को स्पेस साइंस और सैटेलाइट बनाने का प्रैक्टिकल अनुभव देना है. महिमा की टीचर योगेश्वरी लहिरी ने कहा, "यह एक इंटरनेशनल स्पेस प्रोजेक्ट है जिसमें दुनिया भर से बच्चों को चुना जाना था. सिलेक्शन प्रोसेस पूरा हो गया है. अब अगस्त में दूसरे देशों से बच्चे भारत, यानी दिल्ली आएंगे और हमारे बच्चे भी दिल्ली जाएंगे. वहां बच्चे सैटेलाइट बनाएंगे. अक्टूबर में श्रीहरिकोटा से बच्चे और वैज्ञानिक मिलकर दो सैटेलाइट लॉन्च करेंगे. कुल मिलाकर, नेशनल लेवल के पहले चरण के सिलेक्शन में दो बच्चों को चुना गया था. उसके बाद महिमा को नेशनल लेवल के पहले चरण के लिए चुना गया है."
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