Doctor After 10th Class : अब 10वीं पास छात्र भी मेडिकल में करियर बना सकेंगे. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने एजुकेशनल सेशन 2026-27 के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (प्री-आयुर्वेद NEET) की नोटिफिकेशन जारी कर दी है. इस एग्जाम के जरिए छात्र प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम कोर्स में एडमिशन ले सकेंगे और आगे चलकर बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) की पढ़ाई पूरी कर आयुर्वेद डॉक्टर बन सकेंगे. ये नया कोर्स कुल साढ़े सात साल का होगा. इसमें दो साल का प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम प्रोग्राम, साढ़े चार साल का BAMS कोर्स और एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होगी.
NCISM से मान्यता प्राप्त होगा कोर्स
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के अनुसार, यह कोर्स राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) से मान्यता प्राप्त है. यह कोर्स विश्वविद्यालय से जुड़े हुए आयुर्वेद गुरुकुलों में पढ़ाया जाएगा. इस पहल का मकसद भारतीय ज्ञान परंपरा और आयुर्वेद शिक्षा को एक साथ जोड़ना है. इससे पहले जनवरी 2026 में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और NCISM ने देशभर के आयुर्वेद गुरुकुलों को जोड़ने के लिए आयुर्वेद गुरुकुल संबद्धता पोर्टल की शुरुआत की थी. अब प्री-आयुर्वेद NEET की नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इस योजना के अमल की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है.
कौन कर सकता है आवेदन?
प्री-आयुर्वेद NEET के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड, राज्य संस्कृत बोर्ड या दूसरे बोर्ड से 10वीं पास छात्र आवेदन कर सकेंगे. योग्यता के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को न्यूनतम 50 फीसदी मार्क्स प्राप्त करना जरूरी होगा. वहीं अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और दिव्यांग केटेगरी के छात्रों के लिए न्यूनतम 40 फीसदी मार्क्स निर्धारित किए गए हैं. छात्र की उम्र 31 दिसंबर 2026 तक कम से कम 15 साल और ज्यादा से ज्यादा 25 साल होनी चाहिए. किसी भी केटेगरी के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट नहीं दी जाएगी.
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जुलाई के तीसरे हफ्ते से शुरू होने की संभावना है. एंट्रेंस एग्जाम अगस्त के आखिरी हफ्ते या सितंबर के पहले हफ्ते में देशभर के अलग-अलग सेंटर्स पर कराया जाएगा.
नहीं होगी नेगेटिव मार्किंग
NEET-PA एग्जाम ऑफलाइन यानी OMR बेस्ड होगा. एग्जाम का समय 150 मिनट (ढाई घंटे) तय किया गया है. प्रश्नपत्र में कुल 120 MCQ होंगे. हर एक सवाल एक मार्क का होगा और गलत जवाब देने पर कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. परीक्षा संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी तीन भाषाओं में कराई जाएगी.
भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित होगा सिलेबस
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने परीक्षा का सिलेबस भी जारी कर दिया है. इसमें संस्कृत वाङ्मय, पुराण-इतिहास, संस्कृत व्याकरण, दर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि यह सिलेबस राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इस पहल से संस्कृत और आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए एक नया करियर मार्ग तैयार होगा.
ये भी पढ़ें - राजस्थान के 2921 स्कूलों में कुएं से पानी पी रहे बच्चे, बिना छात्रों के चल रहे 140 स्कूल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं