PM Vidyalaxmi Yojana FAQ: पढ़ाई का सपना बड़ा हो और पैसों की प्रॉब्लम आ जाए, तो मिडिल क्लास फैमिली की टेंशन बढ़ जाती है. सरकार ने इसी परेशानी को समझते हुए एक स्कीम शुरू की है, जिसका नाम पीएम विद्यालक्ष्मी योजना है. इस स्कीम के तहत बिना गारंटी और बिना जमानत के एजुकेशन लोन मिलता है. इसका ब्याज भी काफी कम होता है. इतना ही नहीं, कुछ छात्रों को ब्याज में भी सरकार की ओर से मदद मिलती है. इसकी मदद से अच्छे कॉलेज की फीस देखकर हाथ-पैर नहीं फूलते हैं. अगर आपके मन में भी इस स्कीम को लेकर सवाल हैं, तो यहां जानिए 10 सबसे जरूरी सवालों के जवाब.
1. पीएम विद्यालक्ष्मी योजना है क्या?
ये केंद्र सरकार की एक स्कीम है, जो शिक्षा मंत्रालय के हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट की तरफ से चलाई जा रही है. इसका मकसद है कि मेहनती और होनहार बच्चों की पढ़ाई पैसों की कमी की वजह से न रुके. खास बात ये है कि इसमें लोन लेने के लिए न कोई गारंटर चाहिए और न कोई प्रॉपर्टी गिरवी रखनी पड़ती है. पूरा प्रोसेस ऑनलाइन और डिजिटल तरीके से होता है.
2. इस लोन के लिए कौन अप्लाई कर सकता है?
कोई भी भारतीय स्टूडेंट जिसने मेरिट के आधार पर किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन लिया हो, वो इस स्कीम के लिए अप्लाई कर सकता है, लेकिन शर्त ये है कि एडमिशन मैनेजमेंट कोटे से नहीं होना चाहिए. इसके साथ ही स्टूडेंट पहले से किसी और सरकारी स्कॉलरशिप या ब्याज छूट का फायदा नहीं ले रहा हो.
3. कौन-कौन से कॉलेज इस स्कीम में शामिल हैं?
देशभर के करीब 860 चुनिंदा अच्छे कॉलेज और यूनिवर्सिटी इस स्कीम में शामिल किए गए हैं. इनमें NIRF रैंकिंग में टॉप आने वाले इंस्टीट्यूट, राज्य सरकार के अच्छे संस्थान और केंद्र सरकार के तहत आने वाले ज्यादातर कॉलेज शामिल हैं. विदेशी यूनिवर्सिटीज की भारत में मौजूद ब्रांच या विदेश में मौजूद इंस्टीट्यूट इस स्कीम में कवर नहीं होते हैं.
4. कितना लोन मिल सकता है?
यहां कोई फिक्स लिमिट नहीं है. लोन की रकम इस बात पर तय होती है कि आपकी कोर्स फीस कितनी है. हॉस्टल का खर्चा कितना है. लैपटॉप, रहने-खाने का खर्च वगैरह मिलाकर कुल जरूरत कितनी है. यानी जरूरत के हिसाब से लोन अमाउंट घटता-बढ़ता रहता है.
5. ब्याज में कितनी छूट मिलेगी?
अगर आपके परिवार की सालाना कमाई 8 लाख रुपए तक है, तो 10 लाख रुपए तक के लोन पर 3% ब्याज की छूट मिलेगी. ये छूट पढ़ाई के पूरे समय और उसके एक साल बाद तक लागू रहेगी. जिन परिवारों की कमाई साढ़े 4 लाख रुपए सालाना तक है, उन्हें टेक्निकल और प्रोफेशनल कोर्स के लिए पूरी ब्याज माफी भी मिल सकती है।
6. बिना गारंटी लोन कैसे मिलेगा, बैंक को रिस्क कौन कवर करेगा?
सरकार खुद बैंक को गारंटी देती है. साढ़े 7 लाख रुपए तक के लोन पर सरकार 75% क्रेडिट गारंटी देती है, चाहे परिवार की कमाई कितनी भी हो. यानी बैंक को डूबने का डर नहीं रहता, इसलिए स्टूडेंट को कोई प्रॉपर्टी या जमानत नहीं देनी पड़ती है.
7. लोन चुकाने के लिए कितना समय मिलेगा?
लोन वापस करने के लिए 15 साल तक का समय दिया जाता है, जो कोर्स खत्म होने के बाद वाले मोरेटोरियम पीरियड के बाद शुरू होती है, यानी पढ़ाई के दौरान EMI का कोई प्रेशर नहीं रहता है.
8. क्या समय से पहले ब्याज चुकाने पर कोई फायदा मिलता है?
अगर आप पढ़ाई के दौरान ही ब्याज की किश्त भरते रहते हैं, तो आपको ब्याज दर में 1% तक की एक्स्ट्रा छूट मिल सकती है. इससे कुल मिलाकर लोन की लागत काफी कम हो जाती है.
9. अप्लाई कैसे करना है, प्रोसेस क्या है?
पूरा प्रोसेस डिजिटल है. सबसे पहले स्कीम की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आधार कार्ड की मदद से रजिस्ट्रेशन करना होता है. मोबाइल नंबर और ईमेल को OTP से वेरिफाई करना पड़ता है. इसके बाद लॉगिन करके लोन एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता है, जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होते हैं और पसंदीदा बैंक चुनकर फॉर्म सबमिट करना होता है. एप्लीकेशन का स्टेटस भी वेबसाइट पर ट्रैक किया जा सकता है.
10. कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए होंगे?
आधार कार्ड, पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ, पिछली क्लास की मार्कशीट, एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट, कॉलेज का ऑफर लेटर और इनकम सर्टिफिकेट लोन अप्लाई करते समय जमा करने होते हैं. अगर कॉलेज ने एडमिशन के वक्त ही कुछ डॉक्यूमेंट ले लिए हैं, तो बाकी बचे डॉक्यूमेंट ही बैंक को देने होते हैं.
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