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Punjab School Fee Rule: प्राइवेट स्कूलों की तानाशाही पर लगाम! 3 साल में ज्यादा वसूली फीस तो लौटाने होंगे पैसे

पंजाब सरकार ने फीस रेगुलेशन अध्यादेश 2026 लागू कर दिया है. इसके तहत प्राइवेट स्कूल सालाना 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. पिछले 3 साल में 15% से अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों को पैसे वापस करने होंगे.

Punjab School Fee Rule: प्राइवेट स्कूलों की तानाशाही पर लगाम! 3 साल में ज्यादा वसूली फीस तो लौटाने होंगे पैसे
नए कानून के तहत अब हर प्राइवेट स्कूल के लिए फीस तय करने का एक साफ और स्पष्ट नियम होगा.

Punjab private school fee hike rule 2026 : पंजाब के लाखों अभिभावकों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है. पंजाब सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ाने पर पूरी तरह से लगाम लगाम लगा दी है. राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद राज्य में फीस रेगुलेशन अध्यादेश 2026 (Fee Regulation Ordinance 2026) लागू कर दिया गया है. बता दें कि सरकार के इस बड़े फैसले का असर पंजाब के करीब 7,800 प्राइवेट स्कूलों पर पड़ेगा, जिससे 32 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता को सीधा फायदा पहुंचेगा.

फीस बढ़ाने नए नियम क्या हैं

  • नए कानून के तहत अब हर प्राइवेट स्कूल के लिए फीस तय करने का एक साफ और स्पष्ट नियम होगा.
  • कोई भी स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं वसूल कर सकेगा.
  • अब कोई भी प्राइवेट स्कूल सालभर में 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा पाएगा.
  • सभी स्कूलों को अपने पिछले 4 साल की फीस का पूरा रिकॉर्ड अगले 10 दिनों के भीतर शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करना होगा.
  • वहीं, जिन स्कूलों ने पिछले 3 साल में कुल मिलाकर 15% से ज्यादा फीस वसूली है, उन्हें वह एक्स्ट्रा पैसा  अभिभावकों को वापस लौटाना होगा.

डीसी करेंगे निगरानी

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को रोकने और इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए जिला स्तर पर निगरानी रखी जाएगी. जिला कलेक्टर यानी DC की अध्यक्षता में बनी रेगुलेटरी कमेटी स्कूलों द्वारा की जाने वाली फीस वृद्धि की बारीकी से जांच करेगी.

अभिभावकों को लौटाने होंगे पैसे- सीएम मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य सरकार द्वारा लाए गए इस ऑर्डिनेंस को अपनी स्वीकृति देने के लिए राज्यपाल का धन्यवाद किया और कहा कि यह आज से ही लागू हो गया है. "आज से हर निजी शैक्षणिक संस्थान को पिछले चार वर्षों के दौरान एकत्रित की गई फीस का पूरा विवरण 10 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना होगा. उन्होंने कहा कि जैसे ही यह अवधि समाप्त होगी, यदि कोई संस्थान विद्यार्थियों से अतिरिक्त फीस वसूलने में शामिल पाया गया तो उसे वसूली गई अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस करनी होगी.

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मुख्यमंत्री ने कहा, "इन संस्थानों द्वारा किसी भी माध्यम से एकत्रित की गई वास्तविक फीस का पता लगाने के लिए एक फोरेंसिक ऑडिट करवाया जाएगा. निजी अन-एडेड स्कूलों द्वारा फीस में मनमाने ढंग से की जाने वाली बढ़ोतरी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए पंजाब सरकार ने 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) ऑर्डिनेंस, 2026' अधिसूचित किया है."

भगवंत मान ने कहा कि अब वार्षिक फीस वृद्धि की सीमा 5 प्रतिशत निर्धारित की गई है और इस सीमा से अधिक वृद्धि करने के लिए रेगुलेटरी प्राधिकरण से पहले अनुमति लेनी होगी. उन्होंने कहा कि जिन निजी स्कूलों ने पिछले 3 वर्षों के दौरान कुल मिलाकर अपनी फीस में 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है, उन्हें अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी. यह फैसला जहां निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करेगा वहीं पारदर्शिता और जवाबदेही को लागू करके 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को अनुचित वित्तीय बोझ से बचाएगा.
 

प्राइवेट स्कूल अब सालाना 5 फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

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