प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित केंद्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी का जिक्र भी किया. सबसे पहले नालंदा यूनिवर्सिटी पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "नालंदा यूनिवर्सिटी ने शास्त्रार्थ की हमारी प्राचीन परंपरा को फिर से जीवंत किया है. शास्त्रार्थ केवल अपनी बात रखने का माध्यम नहीं है, ये वाद-संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है. इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ, अपनी बात कहना बहुत जरूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए".
पीएम मोदी ने आगे कहा, "दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है. मुझे खुशी है कि नालंदा यूनिवर्सिटी ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया". बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के बारे में बात की हो. इससे पहले पीएम मोदी ने 19 जून 2024 को भी बिहार के राजगीर में नालंदा यूनिवर्सिटी के नए परिसर के उद्घाटन के मौके पर इसकी (यूनिवर्सिटी) जमकर तारीफ की थी. पीएम मोदी ने कहा था, नालंदा केवल एक नाम नहीं है, यह एक पहचान है, एक सम्मान है. नालंदा मूल है और मंत्र भी है.
नए प्रोग्राम शुरू करेगी केंद्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी
'मन की बात' के 135वें एपिसोड में दिल्ली में स्थित केंद्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ये यूनिवर्सिटी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बीटेक प्रोग्राम शुरू करने जा रही है. ये आधुनिक टेक्नोलॉजी को भारत के पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे भारतीय भाषाओं के लिए नए अल टूल्स तैयार करने में मदद मिलेगी. हमारे प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने के काम को भी नई गति मिलेगी.
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