- संसदीय स्थायी समिति की बैठक में NEET पेपर लीक मामले पर शिक्षा मंत्रालय और NTA अधिकारियों से तीखे सवाल पूछे गए
- अधिकारियों ने बताया कि CBI को पेपर लीक मामले की गहराई से जांच करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है
- CBI की जांच से परीक्षा व्यवस्था में खामियों की पहचान कर उन्हें सुधारने के लिए सुझाव दिए जाएंगे
NEET पेपर लीक केस को लेकर उठ रहे सवालों पर गुरुवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में करीब दो घंटे चर्चा हुई. संसदीय समिति के सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में विपक्षी सांसदों ने शिक्षा मंत्रालय में डिपार्टमेंट ऑफ हायर एजुकेशन के सचिव विनीत जोशी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह से पेपर लीक मामले को लेकर कई तीखे सवाल पूछे.
सांसदों ने शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से पूछा कि जिन परिस्थितियों में NEET पेपर लीक हुआ उसको लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. विपक्षी सांसदों ने ये भी सवाल उठाया कि इस बड़े पेपर लीक के लिए जिम्मेदार कौन हैं? गलती किस स्तर पर और किससे हुई? इसके लिए जवाबदेही किसकी है?

संसदीय समिति के सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने समिति को बताया कि CBI को इस मामले की जांच सौंपी गयी है. CBI से कहा गया है कि वो इस पेपर लीक मामले की गहरायी से जांच करे और पता लगाए कि गलती किस स्तर पर हुई और परीक्षा व्यवस्था में Loophole कहां-कहां है? CBI की जांच से पता चलेगा कि परीक्षा व्यवस्था में खामियां कहां-कहां हैं और उन्हें दुरुस्त करने के लिए क्या पहल करने की जरूरत है.
सूत्रों के मुताबिक, सरकारी एजेंसियां फिलहाल एक फुलप्रूफ सिस्टम तैयार करने की कवायद में जुट गयी हैं.

कुछ सांसदों ने NEET एग्जाम के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने, टेस्ट की फ्रीक्वेंसी और ड्यूरेशन पर नए सिरे से विचार करने का भी सुझाव दिया. कुछ सांसदों ने NTA अधिकारियों को NEET परीक्षा के लिए सवालों के 10 अलग-अलग सेट और हर राज्य के लिए अलग-अलग प्रश्न सेट तैयार करने का सुझाव दिया.
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