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UPSC परीक्षा कैसे है इतनी नीट एंड क्लीन? जानें पेपर लीक से बचने के लिए ऐसा क्या होता है

UPSC paper leak : क्या UPSC सिविल सेवा परीक्षा का पेपर कभी लीक हुआ है? जानिए 1992 का वो दिलचस्प किस्सा जब इलाहाबाद में पकड़ी गई थी फोटोकॉपी और संसद तक मचा था बवाल.

UPSC परीक्षा कैसे है इतनी नीट एंड क्लीन? जानें पेपर लीक से बचने के लिए ऐसा क्या होता है
साल 1992 में एक ऐसा मामला सामने आया था जब UPSC को इलाहाबाद के एक परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होने की शिकायत मिली थी.

UPSC paper leak history : यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) हर साल देश में सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Exam) आयोजित करता है. यह देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. कई बार राज्यों के पब्लिक सर्विस कमीशन (State PCS) के पेपर लीक होने की खबरें आती रहती हैं (जैसे 2022 में बिहार BPSC, 2015 में उत्तर प्रदेश UP PCS और 2017 में बिहार SSC का पेपर लीक). लेकिन क्या UPSC के इतिहास में कभी सिविल सेवा परीक्षा का पेपर लीक हुआ है? आज हम इस आर्टिकल में साल 1992 यूपीएससी परीक्षा से जुड़ा पेपर लीक का मामला लेकर आए हैं, जिसपर बवाल संसद में भी हुआ था.

क्या कभी UPSC सिविल सेवा का पेपर लीक हुआ है? 

साल 1992 में एक ऐसा मामला सामने आया था जब UPSC को इलाहाबाद के एक परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होने की शिकायत मिली थी. इसके बाद इस मुद्दे पर संसद (Parliament) में भी चर्चा हुई थी. 

क्या हुआ था?

दरअसल, 17 जून 1992 को दोपहर 2:30 बजे 'जनरल स्टडीज' (General Studies) का पेपर शुरू हुआ, जो शाम 4:30 बजे तक चलना था. पेपर शुरू होने के बाद, वहां मौजूद एक इनविजिलेटर को पेपर की फोटोकॉपी (Photocopy) करते हुए पकड़ा गया. वह पेपर के 'सेट सी' और 'सेट डी' की कॉपी कर रहा था.

कार्रवाई

इसकी शिकायत तुरंत पुलिस से की गई और उस अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने दोपहर 3:00 बजे तक असली पेपर और फोटोकॉपी दोनों को अपने कब्जे में ले लिया था.

वजह क्या थी?

यह फोटोकॉपी उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examination) के कहने पर की जा रही थी और उन्होंने इसे स्वीकार भी किया. ऐसा इसलिए किया जा रहा था ताकि राज्य लोक सेवा आयोग के 'क्वेश्चन बैंक' को मजबूत किया जा सके.

जांच का नतीजा

UPSC ने तुरंत अपने एक अधिकारी को भेजकर इसकी जांच कराई. जांच में पाया गया कि पेपर बाहर किसी छात्र या आम जनता के बीच लीक नहीं हुआ था, इसलिए परीक्षा को रद्द (Cancel) नहीं किया गया. हालांकि, इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच भी कराई गई थी.

संसद में सरकार का जवाब

संसद में तत्कालीन मंत्री मार्गरेट अल्वा ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा था कि हर साल UPSC को पेपर लीक की ऐसी शिकायतें मिलती हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि छात्रों को परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र (Question Paper) घर ले जाने की अनुमति नहीं होती थी और उन्हें उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) के साथ पेपर भी जमा करना पड़ता था. कुछ छात्र याद रखने या क्वेश्चन बैंक बनाने के लिए पेपर से दो-तीन पन्ने फाड़कर अपने साथ ले जाते थे, लेकिन इसे 'पेपर लीक' नहीं माना जा सकता.

UPSC पेपर लीक रोकने के लिए क्या उपाय करता है?

UPSC देश भर के परीक्षा केंद्रों पर पेपर भेजने के लिए बहुत ही सुरक्षित और सख्त तरीका अपनाता है:

1. समय पर डिलीवरी

परीक्षा के पेपर पूरी तरह से सील (बंद) डिब्बों में परीक्षा शुरू होने से केवल एक घंटे पहले ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाए जाते हैं.

2. कड़ी सुरक्षा

इन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच भेजा जाता है और इसकी सही सलामत डिलीवरी की जिम्मेदारी सीधे एसडीएम (SDM) की होती है.

3. गवाहों के सामने खुलती है सील

 परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले डिब्बों को निकाला जाता है. पेपर की सील को छात्रों और वहां के क्लास इनविजिलेटर के सामने ही खोला जाता है ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके.

UPSC की यह प्रोसेस इतनी सुरक्षित है कि इसके इतिहास में आज तक कभी भी सिविल सेवा परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है. अब कई राज्यों के लोक सेवा आयोगों (State PCS) ने भी सुरक्षा के लिए इसी तरीके को अपनाना शुरू कर दिया है.

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