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NEET पेपर लीक और UGC-NET विवाद के बाद NTA में बड़ा एक्शन, 50 से ज्यादा कर्मचारी हटाए गए, नई टीम की जाएगी तैयार

एजेंसी को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह खामियों के लिए जिम्मेदारी तय करे और यह सुनिश्चित करे कि परीक्षा के नियमों का सख्ती से पालन हो. 

NEET पेपर लीक और UGC-NET विवाद के बाद NTA में बड़ा एक्शन, 50 से ज्यादा कर्मचारी हटाए गए, नई टीम की जाएगी तैयार
यह बड़ा बदलाव NEET-UG 2026 से जुड़े संकट के बाद हुआ है, जब पेपर लीक होने के कारण 3 मई की परीक्षा रद्द कर दी गई थी.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) NEET-UG पेपर लीक और तीन UGC-NET पेपर रद्द होने के बाद बड़ा फैसला लिया है. एजेंसी अपनी परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव कर रही है. इसके तहत 50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटाया गया है और 10 नए प्रोफेशनल लीडरशिप पदों पर भर्तियां की जा रही हैं. इन पदों में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर, चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर, टेस्ट सिक्योरिटी के लिए जनरल मैनेजर और रिसर्च एंड डेवलपमेंट व साइकोमेट्रिक्स के लिए जनरल मैनेजर जैसे पद शामिल हैं. यही नहीं NTA साइबर-सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्न-पत्र डिजाइन और अन्य विशेष क्षेत्रों के लिए प्राइवेट सेक्टर से भी एक्सपर्ट्स को शामिल कर रहा है.

"युद्ध स्तर" बदलाव लागू करने के निर्देश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने NTA को परीक्षा के तय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशन्स (CONOPS) के ढांचे में पूरी तरह बदलाव करने का निर्देश दिया. इस बदलाव में अलग-थलग कमरे, एयर-गैप्ड सिस्टम और डिवाइस जमा करने के नियम शामिल होंगे. इन उपायों को "युद्ध स्तर" पर लागू करने का निर्देश दिया गया है.

NTA से सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का गहन ऑडिट करने और सुधारात्मक कार्रवाई पर रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा गया है. इन उपायों का उद्देश्य परीक्षा आयोजन के अलग-अलग स्टेप्स में सिस्टम को मजबूत करना और गड़बड़ियों को जड़ से रोकना है.

UGC-NET री-एग्जाम से एक और झटका

यह बदलाव NTA द्वारा अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के UGC-NET पेपर दोबारा आयोजित करने का आदेश देने के तुरंत बाद हो रहा है.

दरअसल, उम्मीदवारों से शिकायतें मिलने के बाद बनाई गई NTA की एक कमेटी ने तीनों पेपरों में कई फैक्चुअल, टाइपिंग और ट्रांसलेशन संबंधी गलतियां पाईं. इनमें प्रमुख विद्वानों के नामों की गलत स्पेलिंग, किताबों के गलत शीर्षक, सवालों की भाषा में गलतियां, व्याकरण और विराम चिह्नों की गलतियां और गैर-मानक शब्द शामिल थे.

कमेटी को ऐसे कई सवाल भी मिले जो पिछली परीक्षाओं से दोहराए गए थे. इसलिए, निष्पक्ष और बिना गलती वाली परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमेटी ने तीनों पेपर दोबारा कराने की सिफारिश की.

अंग्रेजी और कॉमर्स के पेपर 9 सितंबर को दोबारा होंगे, जबकि सोशियोलॉजी का पेपर 10 सितंबर को होगा. इसके लिए उम्मीदवारों को कोई अतिरिक्त एग्जाम फीस नहीं देनी होगी.

NEET-UG संकट से विरोध प्रदर्शन शुरू हुए

इस बड़े बदलाव की पृष्ठभूमि में NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद भी है. 3 मई को आयोजित परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द करना पड़ा था. इसके बाद NTA की कार्यप्रणाली और परीक्षा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे. छात्रों के विरोध प्रदर्शन और लगातार बढ़ते दबाव के बाद एजेंसी की परीक्षा प्रणाली की व्यापक समीक्षा शुरू हुई.

इसको लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक में एजेंसी द्वारा अपनी पूरी परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी गई.

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