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NEET Toppers 2026: कोटा ही नहीं, देश के इन 66 शहरों से निकले हैं नीट के 'सिकंदर', देखें क्या कहता है नया ट्रेंड

NEET Toppers 2026 New Trend: नीट 2026 में कोटा का ट्रेंड बदला है. टॉप 138 छात्र देश के 66 अलग-अलग शहरों से हैं. इस बार 93% फ्रेशर्स और 58% से ज्यादा लड़कियों ने बाजी मारी है. आर्यन और पांशुल 715 अंकों के साथ टॉपर बने हैं. कट-ऑफ भी काफी बढ़ा है.

NEET Toppers 2026: कोटा ही नहीं, देश के इन 66 शहरों से निकले हैं नीट के 'सिकंदर', देखें क्या कहता है नया ट्रेंड
देश के 66 शहरों से निकले हैं नीट के टॉपर

NEET Toppers 2026 New Trend: अगर आपको भी लगता है कि मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम (NEET UG) में टॉप करने के लिए सिर्फ कोटा, दिल्ली या सीकर के बड़े कोचिंग संस्थानों में पढ़ना जरूरी है, तो नीट 2026 के रिजल्ट आपकी सोच को बदल सकते हैं. इस साल देश के 66 अलग-अलग शहरों से 138 टॉपर्स निकले हैं. इससे पता चलता है कि अब शानदार पढ़ाई और बेहतरीन गाइडेंस सिर्फ बड़े शहरों या नामी कोचिंग सेंटर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे-छोटे कस्बों से निकलने वाले बच्चे भी अपनी पहचान बना रहे हैं.

नीट 2026 के टॉपर्स का नया ट्रेंड

छोटे शहरों और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों का शानदार प्रदर्शन

अब नीट में सफलता का परचम सिर्फ कोचिंग हब वाले शहरों तक नहीं बल्कि हर राज्य में लहरा रहा है. इस साल देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से स्टूडेंट्स पास हुए हैं. उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 1.7 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने परीक्षा पास की है. जहां एक तरफ अंडमान-निकोबार के ध्रुव त्रिपाठी ने 606 अंक लाकर अपने राज्य में टॉप किया, वहीं लद्दाख की जिग्मेट यांगचन लामो 530 अंक और लक्षद्वीप की फहमीदा अनीस ने 573 का स्कोर किया. टॉप 138 रैंकर्स देश के 66 अलग-अलग शहरों से आते हैं, जो दिखाता है कि टैलेंट किसी एक जगह तक सीमित नहीं है.

पहली बार एग्जाम देने वालों का कमाल

अक्सर लोग सोचते हैं कि नीट क्रैक करने के लिए 2-3 साल का ड्रॉप लेना ही पड़ता है, लेकिन इस बार के आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं. टॉप स्कोर करने वाले 138 स्टूडेंट्स में से 93% से ज्यादा ने पहली ही बार में यह कठिन परीक्षा पास कर ली है. इनमें से 99% टॉपर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच है. यानी 12वीं के साथ ही सही तैयारी से टॉप रैंक हासिल की जा सकती है.

लड़कियों ने फिर मारी बाजी

मेडिकल की पढ़ाई में लड़कियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है. इस साल परीक्षा पास करने वाले कुल स्टूडेंट्स में से 58% से ज्यादा लड़कियां हैं. सिर्फ संख्या में ही नहीं, बल्कि सक्सेस रेट में भी लड़कियां लड़कों से आगे हैं. लड़कियों का पास प्रतिशत 56.8%, जबकि लड़कों का 55.1% रहा.

2 साल बाद नहीं मिला 'परफेक्ट 720'

साल 2020 और 2021 के बाद यह पहली बार है जब किसी भी स्टूडेंट को 720 में से 720 का परफेक्ट स्कोर नहीं मिला है. पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक लाकर ऑल इंडिया टॉप किया है. इस साल पेपर के लेवल और कॉम्पिटिशन की वजह से कट-ऑफ में भारी उछाल आया है. जनरल कैटेगरी का क्वालिफाइंग मार्क्स 144 से बढ़कर सीधे 213 अंक पहुंच गया है. वहीं, ओबीसी, एससी और एसटी के लिए यह 113 से बढ़कर 177 अंक हो गया है.

किसे कितने मार्क्स मिले

  • 19 स्टूडेंट्स को 700 या उससे ज्यादा अंक मिले हैं.
  • 650 या उससे ज्यादा अंक लाने वाले स्टूडेंट्स 1,492 हैं.
  • 600 या उससे ज्यादा अंक लाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या 10,160
  • 90,780 स्टूडेंट्स को 500 या उससे ज्यादा अंक मिले हैं.

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