कॉलेज में दाखिला लेते समय अक्सर डीम्ड यूनिवर्सिटी (Deemed-to-be University) का नाम सुनने को मिलता है. आखिर डीम्ड यूनिवर्सिटी क्या होती है और नीट क्रैक करने के बाद इनमें दाखिले की क्या प्रक्रिया होती है, ये आज हम आपको विस्तार में बताने जा रहे हैं. डीम्ड यूनिवर्सिटी उच्च शिक्षण संस्थान होता है, जिसे University Grants Commission (UGC) अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार, UGC की सिफारिश पर "डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी" का दर्जा दिया जाता है. डीम्ड यूनिवर्सिटी के पास अपना कोर्स बनाने, परीक्षा आयोजित करने और डिग्री देना का आधिकार होता है. जिन उम्मीदवारों ने NEET UG क्वालिफाई किया होता है, वो डीम्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी में दाखिला लेकर MBBS/BDS का कोर्स कर सकते हैं.
क्या है दाखिले की प्रक्रिया
NEET UG क्वालिफाई करने के बाद काउंसलिंग शुरू होती है. जहां सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला 15% AIQ (All India Quota) और 85% State Quota के सिस्टम के तहत दिया जाता है. वहीं अधिकतर डीम्ड मेडिकल यूनिवर्सिटी में ऐसे किसी भी सिस्टम को फॉलो नहीं किया जाता है. यहां 100% MBBS सीटें MCC की ऑल इंडिया काउंसलिंग के माध्यम से भरी जाती हैं.
कितनी होती है फीस
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलना मुश्किल होता है. दरअसल NEET UG में जिनके अच्छे नंबर आते हैं, वो सरकारी मेडिकल कॉलेज का ही रुख करते हैं. अगर आपकी NEET में जो रैंक आई है, उसके आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट नहीं मिल रही है, तो आप डीम्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला ले सकते हैं. MCC की ऑल इंडिया काउंसलिंग के जरिए आपको दाखिला मिल जाएगा. हाालिंक सरकारी मेडिकल कॉलेज के मुकाबले यहां की फीस ज्यादा होती है.
मेडिकल की पढ़ाई के लिए प्रसिद्ध डीम्ड मेडिकल यूनिवर्सिटीज
- कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, कर्नाटक
- श्री रामचन्द्र इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च, चेन्नई
- जेएसएस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च, मैसूर
- हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, नई दिल्ली
- अमृता विश्व विद्यापीठम्, कोच्चि
- एमजीएम स्वास्थ्य विज्ञान संस्थान,महाराष्ट्र
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