NEET UG रिजल्ट आने के बाद Counselling की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी. NEET UG Counselling के जरिए मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य UG मेडिकल कोर्सों में दाखिला दिया जाएगा. काउंसलिंग के दौरान कई तरह के डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ती है. इन डॉक्यूमेंट के बिना दाखिला नहीं दिया जाता है. अगर आप NEET UG Counselling में हिस्सा लेने जा रहे हैं. तो नीचे बताई गई चीजों को तैयार रखें. यदि कोई जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं मिला, तो एडमिशन रुक सकता है. या संबंधित सीट भी रद्द हो सकती है. काउंसलिंग में जिन जरूरी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है, उसकी जानकारी नीचे दी गई है.
काउंसलिंग के लिए ये जरूरी डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
- नीट यूजी 2026 एडमिट कार्ड
- नीट यूजी 2026 स्कोर कार्ड
- क्साल 10 की मार्कशीट, जन्मतिथि प्रमाण के लिए
- कक्षा 12 की मार्कशीट
- वैध फोटो पहचान पत्र
- पासपोर्ट फोटो
- श्रेणी प्रमाणपत्र
- PwD प्रमाणपत्र, अगर लागू हो
- अस्थायी आवंटन पत्र
- आवासीय प्रमाणपत्र
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही काउंसलिंग का शेड्यूल जारी करेगी. काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग, सीट अलॉटमेंट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और अलॉट की प्रक्रिया की जाएगी. सीट अलॉटमेंट पूरी तरह से NEET रैंक, रिजर्वेशन पॉलिसी और सबमिट किए गए चॉइस के ऑर्डर पर बेस्ड होती है. काउंसलिंग के दौरान एलिजिबल कैंडिडेट्स को रजिस्ट्रेशन करना होता. काउंसलिंग फीस भरनी होती है और अपने पसंद का कॉलेज और कोर्स भरकर चुनना होता है.
चॉइस फिलिंग क्या है
चॉइस फिलिंग काउंसलिंग प्रोसेस में एक जरूरी स्टेप होता है. इस दौरान ही कैंडिडेट्स अपने पसंदीदा कॉलेज को चुनता है. डेडलाइन से पहले चॉइस लॉक करनी होती है. ऐसे न करने से कॉलेज से हाथ धोना पड़ सकता है. वहीं जिन उम्मीदवारों को पहले राउंड में सीट नहीं मिली है, वो राउंड 2 के लिए रजिस्ट्रेशन करावा सकते हैं.
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